कोरोना महामारी के समय एक जरुरी लेख
दुनिया नहीं खत्म होने वाली लेकिन कुछ लोग होंगे जिनकी पूरी दुनिया खत्म हो जाने वाली है. पूरी दुनिया अब भारत जैसे देशों की कार्यवाही पर निर्भर करती है. इस वायरस का प्रकोप कम होने के बाद दुनिया... Read more
पिथौरागढ़ में नाचनी कस्बे के नाम की कहानी
नाचनी एक छोटा सा क़स्बा है जो पिथौरागढ़ ज़िले के तल्ला जोहार में अवस्तिथ है. इसकी भौगोलिक संरचना एक V आकार की घाटी है जिसका निर्माण युवावस्था में नदियों द्वारा अपरदन से होता है. Etymology of... Read more
डॉ. राम मनोहर लोहिया जन्मदिन विशेष
स्वातंत्रोत्तर भारत में समाजवाद विचारधारा को धार देने में आचार्य नरेन्द्र देव, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश नारायण अग्रणी थे, यद्यपि उस दौर में इस आन्दोलन में मधुलिमये, मधु दण्डवते, जॉर... Read more
कल्याण सिंह रावत : हरियाली का मैती
मैती शब्द का शाब्दिक अर्थ यूं तो मायके वाला होता है पर इस शब्द का एक विशिष्ट अर्थ अत्यंत प्रिय या दिल के क़रीब रहने वाला भी होता है. इस बार गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री से सम्मानित कल्याण सिंह र... Read more
एक था डॉक्टर एक था संत…
कुछ विवादस्पद सवालों से भरी है अम्बेडकर -गाँधी के ‘जाति, नस्ल और जाति के विनाश’ पर हुए संवाद से उपजी अरुन्धति रॉय की किताब, “एक था डॉक्टर एक था संत” जो उनकी Caste,... Read more
कहां गए नीले आसमान में उड़ने वाले गौरैया के झुण्ड
प्यारी घरेलू गौरैया की कहानी पता नहीं आज वह कहां खो गयी जिसे बचपन में अकसर नीले आसमान में झुण्ड के रूप में उड़ते देखता था. घर आंगन में फुदकने वाली वह नन्ही चिड़िया की आवाज़ अब शायद ही किसी क... Read more
भिटौली : भाई-बहिन के प्यार का प्रतीक
उत्तराखंड में चैत्र माह में प्यूंली के पीले और बुरांश के लाल फूल खिल कर वसंत ऋतु के आगमन का संदेश दे देते हैं, बच्चों की टोलियां अपनी नन्हीं टोकरियों में रंग-बिरंगे फूल भर कर चैत्र माह के पह... Read more
स्वकीया प्रेम की सुखान्त चैती गाथा है जसी गढ़वाल में चैत के महीने में गाए जाने वाले चैती गाथा गीतों में जसी की गाथा भी प्रमुख है. जसी और फ्यूंली की गाथाओं में कुछ समानताएं भी हैं और कुछ अन्त... Read more
अरुण यह मधुमय देश हमारा
शाम को टहलते हुए सोच रहा था कवि ने ऐसा क्यों कहा – अरुण यह मधुमय देश हमारा? वह कह सकता था – देखो यह मधुमय देश हमारा, अथवा – अहो यह मधुमय देश हमारा. कविगण भूत, भविष्य,... Read more
कोरोना के कारण उत्तराखंड का 73 साल पुराना सिनेमाघर अपने आखिरी शो के बिना बंद
देहरादून में रहे हर आदमी को चकराता रोड पर बनी एक पुरानी बिल्डिंग याद होगी जिसपर हमेशा नई फिल्म का पोस्टर लगता था. बिल्डिंग का नाम है प्रभात सिनेमा. प्रभात सिनेमा जिसने देहरादून की तीन तीन पी... Read more


























