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2 Comments

  1. प्रोफेसर हरेन्द्र सिंह असवाल

    पहाड़ और एटकिंस को समझने का यह महत्वपूर्ण आलेख है । प्रोफ़ेसर मृगांक जोशी का आभार । यह लेख औपनिवेशिक उत्तराखंड के शासकों की नीति और नीयत का ख़ुलासा करता है साथ ही यह उत्तराखंड को समझने ,उसे विकसित करने का रोडमैप भी देता है । उत्तराखंड की ऐतिहासिक,सामाजिक ,सांस्कृतिक ज्ञान परम्परा को इसके आलोक में समझने में हमें कुछ हद तक सहायता मिल सकती है ।प्रोफेसर शेखर पाठक कुमाऊँ का विस्तृत अनुसंधान परक लौकिक विश्लेषण किया लेकिन गढ़वाल का समग्र रूप से विवेचन अभी बाक़ी है ।

  2. प्रोफेसर हरेन्द्र सिंह असवाल

    प्रोफेसर मृगेश पांडे भूल सुधार

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