बॉक्सर दुर्योधन सिंह नेगी और कवींद्र सिंह बिष्ट. फोटो : अमर उजाला से साभार
सीमांत जिला कहे जाने वाले पिथौरागढ़ में प्रतिभाओं का भंडार है. बाक्सिंग, फुटबाल, बास्केटबाल, क्रिकेट सभी खेलों में यहां के लोगों ने न केवल देश का बल्कि जिले का नाम भी रौशन किया है. भारत की खेल डायरी में इस जिले का नाम हमेशा सम्मान से लिखा जाता रहा है.
कल से रुस में होने वाली विश्व बाक्सिंग चैम्पियनशिप में पिथौरागढ़ के दो युवा देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
बाक्सर दुर्योधन सिंह नेगी और कवीन्द्र सिंह बिष्ट रूस को रवाना ह चुके हैं. 7 सितम्बर से 21 सितम्बर तक होने वाली इस विश्व चैंपियनशिप में दोनों से देश को बहुत उम्मीद हैं.
दुर्योधन सिंह नेगी भारतीय सेना में कार्यरत हैं. दुर्योधन मुनस्यारी के रहने वाले हैं. जुलाई माह में कजाकिस्तान में हुई सातवीं प्रेजीडेंट कप अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था.
युवा कवीन्द्र सिंह बिष्ट ने थाईलैंड में हुई एशियन बाक्सिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मैडल जीता था. कवींद्र सिंह बिष्ट पिथौरागढ़ के रई के निवासी हैं.
दोनों ही खिलाड़ी रूस को रवाना हो चुके हैं और कल से शुरू हो रही विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को ओलंपिक क्वालीफायर का टिकट मिलेगा.
चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाजों को अगले साल ओलिंपिक क्वॉलिफायर के लिए राष्ट्रीय टीम में सीधे प्रवेश मिलेगा. मुक्केबाजी के हाई परफार्मेंस निदेशक सैंटियागो नीवा ने बताया कि विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वालों को ओलिंपिक क्वॉलिफायर टीम में सीधे प्रवेश मिलेगा. बाकियों को ट्रायल देने होंगे.
काफल ट्री की ओर से पिथौरागढ़ जिले के इन दो मुक्केबाजों को शुभकामनाएं.
-काफल ट्री डेस्क
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