अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

15 hours ago
Kafal Tree

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड रमा है, अल्मोड़ा भी इस…

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

15 hours ago

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की धड़कन, सामाजिक मेल-मिलाप, व्यापार, लोककला, आस्था और सामुदायिक उल्लास…

सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन

5 days ago

पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार गढ़वाल…

उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज

5 days ago

1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि इस आंदोलन के पीछे मुख्य…

कामिनी तुम कौन?

5 days ago

पानी बरस रहा है. जब भी पानी बरसता है, देखता हूं पेड़-पौधे बहुत खुश हो जाते हैं. बरामदे की ओर निकला…

पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़

5 days ago

राजेसिंह का कहना है कि ‘‘मरोड़ा गांव से लदोली घाट तक का रास्ता उतार-चढ़ाव का न होकर सीधा-सादा है। खतरा यह…

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

3 weeks ago

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है, बल्कि यह लोकजीवन, धार्मिक आस्था…

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

3 weeks ago

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र सिंह नयाल ने क्षेत्रीय अस्मिता…

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

3 weeks ago

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित कृति है. यह सृजन पाठकों…

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

3 weeks ago

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस अस्सी…