दिवाली के मौके पर गाँव में बिताए पुराने पलों की याद

1 day ago
Sudhir Kumar

छूट जाता है सब-कुछ छूट जाता है सब-कुछ, पर घर छूटता नहीं... इस बात पर मुझे बेपनाह यकीन था. इस…

पंतनगर विश्वविद्यालय: हरित क्रांति की वह कहानी, जिस ने भारत के गाँवों की तस्वीर बदल दी

3 days ago

एक ऐतिहासिक यात्रा : कृषि, विज्ञान और किसानों के सपनों की कहानी (Pantnagar University Green Revolution) आज जब हम भारत…

मशीन को मनुष्य बनाते मनुष्य (`वी वर हियर’ ऐज़ ‘ह्यूमंस इन द लूप’!)

3 days ago

मनुष्य होने का मतलब क्या है? एआई से पूछें? लगता तो ऐसा ही है कि उसे ही यह ज़हमत देनी…

उत्तराखंड के पहाड़ों का कटु सत्य है पायर “चिता”

6 days ago

विनोद कापड़ी द्वारा निर्मित चर्चित फ़िल्म पायर "चिता" पूरे देश में रिलीज गई है. 26 साल पहले जब उत्तराखंड राज्य…

डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया: उत्तराखंड के इतिहास, समाज और अर्थव्यवस्था को समझने की एक दृष्टि

6 days ago

पिछली कड़ी : धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’ डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया की पुस्तक, "द कुमाऊं हिमालया : आस्पेक्ट्स ऑफ हिस्ट्री,…

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

3 weeks ago

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी, लेकिन उसकी आँखों में आज…

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

3 weeks ago

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई इलाकों में अनेक पर्व और…

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

3 weeks ago

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में बनी फिल्म ‘पायर’ (चिता) इन दिनों…

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

3 weeks ago

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन दिनों अल्मोड़ा के विभिन्न मंचों…

‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है

3 weeks ago

लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा रहे मकानों, परित्यक्त गांवों और…