कॉलम

वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता

माला नाम था उसका. छरहरी काया, बला की ख़ूबसूरत. लेडीज साइकिल से जब कॉलेज आती, बालों में कलरफुल स्कार्फ बाँधे…

1 day ago

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा भूगर्भीय संरचना तथा सक्रिय विवर्तनिक…

4 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी के गले पर हार की…

4 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा के दिगोली गांव में जन्म…

4 days ago

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में रहकर भारतीयों से भारतीय नागरिक…

6 days ago

28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई

रात का वक्त था. जुलाई की बारिश पहाड़ों को भिगो रही थी, और भिलंगना नदी हमेशा की तरह अपने पूरे वेग…

6 days ago

दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

मानव इतिहास में सत्ता के विरुद्ध विरोध उतना ही पुराना है जितना संगठित शासन. प्रारंभिक सभ्यताओं में विरोध का स्वरूप…

1 week ago

गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?

12 मार्च 1930 की सुबह साबरमती आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे. महात्मा गांधी ने अपने हाथ…

1 week ago

भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे

आज भारत में किसी बड़े प्रदर्शन, छात्र आंदोलन या राजनीतिक रैली के दौरान पुलिस द्वारा आँसू गैस के गोले छोड़े जाना…

1 week ago

कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल

पिछली कड़ी : सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन कुमाऊं में जाति व…

1 week ago