कॉलम

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस अस्सी…

4 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु इस पर्वतीय प्रदेश के प्राकृतिक…

4 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें अपने शरीर और स्वास्थ को…

4 weeks ago

सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा

दुनिया बड़ी तेजी से बदल रही है. (Smriti Yatra Poem by Sindhuja) शायद हर पीढ़ी, नई पीढ़ी से यही कहती…

1 month ago

पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल

पिछली कड़ी : कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक कुमाऊं गढ़वाल के…

1 month ago

घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान

उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं.…

1 month ago

दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष

‘‘...हिमालय के दूर-दराज गाँव के अत्यंत विपन्न परिवार में जन्मा एक छात्र नोबेल विजेता भौतिकशास्त्री सर सी. वी. रमन की…

2 months ago

गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन

अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के रवि टम्टा ने जब अपने बनाए फ्लाइंग व्हीकल "हापिडा स्काईनेक्स" की पहली उड़ान का वीडियो…

2 months ago

लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में

उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक जीवनधारा के अभिन्न अंग रहे…

2 months ago

कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक

पिछली कड़ी : हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी कुमाऊं को विशिष्ट संस्कृति युक्त राजनीतिक इकाई के…

2 months ago