पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें अपने शरीर और स्वास्थ को फिट रखने की सोच रखने वाले कई लोग भाग लेते हैं. मैराथन को ये लोग सिर्फ एक दौड़ के रूप में नहीं देखते बल्कि अपने शरीर को टेस्ट करने के माध्यम के रूप में भी देखते हैं. पिछले कुछ सालों में खासकर कोविड के बाद से लोगों में अपने स्वास्थ के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोग स्वस्थ और फिट रहने का प्रयास इस तरह की मानसून मैराथन में भाग लेकर कर रहे हैं.
अल्मोड़ा मानसून मैराथन इस मायने में बेहद सफल रही कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया, मैराथन के क्रेज का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि कॉलेज की छुट्टियों में स्कॉटलैंड में पड़ने वाली एक छात्रा हल्द्वानी से सिर्फ़ इस अल्मोड़ा मानसून मैराथन में भाग लेने आई और उसने इस मैराथन को सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके अलावा कई बुजुर्ग भी अपनी उम्र को इस मैराथन में मात देते दिखे. पिछले रविवार को अल्मोड़ा के धारानौला से आयोजित हुई अल्मोड़ा मानसून मैराथन की तस्वीरें.
फोटो व विवरण- जयमित्र सिंह बिष्ट, हिमालयन जेफर, अल्मोडा, उत्तराखंड.
अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.
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बहुत ही विस्तृत एवं प्रेरणास्पद लेख