ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस अस्सी बरस के आनरेरी कैप्टन करम चंद्र के नेतृत्व में था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस सरकार की गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ था. पूर्व सैनिक, छात्र, महिलायें और बच्चे सभी एक स्वर में नारेबाजी करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से एक बार पुलिस थाने के सामने से निकल चुके थे. 11 बजकर 17 या 18 मिनट का समय हो चुका था सूरज आसमान चढ़ने की कोशिश में था और जुलूस में नारेबाज़ी अपने पूरे जोश में हो रही थी. जुलूस का पहला हिस्सा तहसील तक पहुँच चुका था और पिछला हिस्सा थाने के सामने से निकल रहा था. तभी थाने की ओर से जुलूस पर पत्थर बरसने लगे. अचानक हुए पथराव से जुलूस बिखरने लगा और फिर गोलियों की आवाज़ सुनाई देने लगी. उत्तराखंड के इतिहास में ये दिन खटीमा गोलीकांड नाम से दर्ज हो गया. इस घटना में शहीद आन्दोलनकारियों के नाम हैं :
प्रताप सिंह
सलीम अहमद
भगवान सिंह
धर्मानन्द भट्ट
गोपीचंद
परमजीत सिंह
रामपाल
भुवन सिंह
ये सिर्फ़ आठ नाम नहीं हैं. ये उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उस अध्याय की याद हैं, जिसकी कीमत लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई. उत्तराखंड आंदोलन की उस सुबह को याद करते हुए यहां पढ़िए सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का गीत – ‘उत्तराखंड आंदोलन मा’
मथि पहाडु बटि निस्स गंगाडु बटि
इस्कूल-दफ्तर गाँ बजारू बटि
मनख्यूंकि डार धार धारू बटि
हिट्ण लग्यां छन बैठणा को लगा नी
बाटा भर्या छन सड़क्यूंमा जगा नी
बोला कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
सबि कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
कट्ठा कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
बेरोजगार जवानि सड़क्यूं मा
दुखि लाचार बुढ़ापु सड़क्यू मा
भविष्य नौन्याळु कु सड़क्यूं मा
बेटि-ब्यायूँ कू दुख सड़क्यूं मा
हिट्ण लग्याँ छन बैठणा कु लगा नी
बाटा भर्या छन सड़क्यूंमा जगा नी
दीदौं कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
भुल्यूं कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
बबा बि दादा बि नाति सड़कमा
एक ह्वेनि सबि जाति सड़कमा
माँ-बेटि सासू-ब्वारि सड़क मा
आज बणी चिनगारि सड़क मा
हिट्ण लग्यां छन बैठणा को लगा नी
बाटा भर्या छन सड़क्यूंमा जगा नी
दीदौं कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
भुल्यूँ कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
भूख न तीस न डर न फिकर छ्
मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
हत्तमा मुछाळा आंखों मा अंगार
खुटा धारतिमा आगास नजर छ्
हिट्ण लग्यां छन बैठणा को लगा नी
बाटा भर्या छन सड़क्यूंमा जगा नी
बोला कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
सबि कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
कट्ठा कख जाणा छाँ तुम लोग, उत्तराखण्ड आंदोलन मा
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