समाज

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है, बल्कि यह लोकजीवन, धार्मिक आस्था…

1 month ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस अस्सी…

1 month ago

दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष

‘‘...हिमालय के दूर-दराज गाँव के अत्यंत विपन्न परिवार में जन्मा एक छात्र नोबेल विजेता भौतिकशास्त्री सर सी. वी. रमन की…

2 months ago

गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन

अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के रवि टम्टा ने जब अपने बनाए फ्लाइंग व्हीकल "हापिडा स्काईनेक्स" की पहली उड़ान का वीडियो…

2 months ago

लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में

उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक जीवनधारा के अभिन्न अंग रहे…

2 months ago

उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं

गोविंदा, रघु, रामकली, चंदा, कृष्णा दा, सूर्या... नाम नहीं जीवन हैं कई दिनों से राजधानी में एक कुर्सी, एक टेबल,…

2 months ago

बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर

यह दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर है. इस से पहले मैंने ऐसी तस्वीर नहीं देखी, जिस का हर जर्रा मुझे…

2 months ago

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि किसी हिमालयी समुदाय का उल्लेख…

2 months ago

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में रहकर भारतीयों से भारतीय नागरिक…

2 months ago

28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई

रात का वक्त था. जुलाई की बारिश पहाड़ों को भिगो रही थी, और भिलंगना नदी हमेशा की तरह अपने पूरे वेग…

2 months ago