समाज

बाल, माल व पटालों का शहर : अल्मोड़ा

अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड का प्राचीन एवं महत्वपूर्ण शहर है. मानसखण्ड ग्रन्थ में अल्मोड़ा के भू-भाग को ‘रामक्षेत्र’ कहा गया है. यहां…

5 months ago

आज ‘नशा नहीं-रोजगार दो आन्दोलन’ की 42वीं वर्षगांठ है

जो शराब पीता है, परिवार का दुश्मन है.जो शराब बेचता है, समाज का दुश्मन है.जो शराब बिकवाता है, देश का…

5 months ago

200 साल पहले कैसा था उत्तराखंड

‘ट्रैवल्स इन द हिमालयन प्रोविन्सेज़ ऑफ़ हिंदुस्तान एंड द पंजाब’ उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभिक हिमालयी समाज, भूगोल और राजनीति को…

5 months ago

तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन

तिब्बत और उससे जुड़े पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों का समाज लंबे समय तक भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से बाहरी दुनिया से…

5 months ago

नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !

नाम को तोड़-मरोड़ कर बोलना प्रत्येक लोकसंस्कृति की खूबी रही है. राम या रमेश को रमुवा, हरीश को हरूवा, सुरेश को सुरिया. ये नाम…

5 months ago

उत्तराखंड में मौजूद अशोक के शिलालेख में क्या लिखा है?

उत्तराखंड के देहरादून ज़िले में यमुना और टोंस नदियों के संगम के समीप स्थित कालसी वह स्थान है जहाँ भारत…

6 months ago

जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया

अल्मोड़ा गजेटियर किताब के अनुसार, कुमाऊँ के एक नये राजा के शासनारंभ के समय सबसे पहला कार्य बालेश्वर में महादेव…

7 months ago

नेहरू और पहाड़: ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में हिमालय का दर्शन

हर साल 14 नवंबर देश में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में…

7 months ago

साधारण जीवन जीने वाले लोग ही असाधारण उदाहरण बनते हैं : झंझावात

जीवन की सबसे गहरी कहानियाँ अकसर वो होती हैं जो शब्दों में नहीं, रिश्तों की गंध में बसती हैं. 'झंझावात'…

7 months ago

नीब करौरी धाम को क्यों कहते हैं ‘कैंची धाम’?

अगर आप कभी नैनीताल या अल्मोड़ा की तरफ़ यात्रा पर निकले हों तो रास्ते में “कैंची धाम” का नाम ज़रूर…

8 months ago