हैडलाइन्स

एक साल में डूब गयी उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मीटिंग वाली 4 करोड़ की बोट

4 करोड़ की फ्लोटिंग मरीना बोट याद है? वही मरीना बोट जिसपर पिछले साल एक इन्हीं दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट मीटिंग की थी. जिस पर बैठकर उन्होंने न जाने क्या-क्या वादे किये थे. खबर है कि अब वह डूब गयी है.

न्यूज 18 में एक छपी ख़बर के अनुसार चार करोड़ की यह बोट पर्यटन विभाग की लापरवाही के चलते डूब गयी है. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की ओर से इस पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं दी गयी है. यह बोट उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद से ही जंग खा रही थी.

ऐतिहासिक बताई गयी उस कैबिनेट मीटिंग में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 13 जिलों में 13 टूरिस्ट स्पॉट विकसित करने का वादा किया था. उन्होंने कहा था कि युवाओं के लिये और अधिक रोजगार के अवसर सृजित किये जा रहे हैं.

एक साल में 13 में एक भी टूरिस्ट स्पॉट विकसित नहीं हुआ अलबत्ता रोजगार की बात करने पर सरकार ‘भारत माता की जय’ कहने को कहती है. अब 4 करोड़ की यह बोट भी डूब गयी.

मरीना बोट को डूबना दिखाता है कि सरकार अपनी नीतियों को लेकर कितनी अधिक संवेदनशील है. वैसे उत्तराखंड राज्य पिछले अठारह साल में एक प्रयोगशाला से अधिक कुछ नहीं रहा. यहां जो आता है प्रयोग कर जाता है उसके नुकसान राज्य की जनता भुगत रही है.

भाजपा की वर्तमान सरकार डबल इंजन सरकार आने से विकास की बात कर रही थी लेकिन यह डबल इंजन भी लोगों के काम न आ सका. हां, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिये यह डबल इंजन बढ़िया काम कर रहा हो तो अलग बात है.

कुल मिलाकर उत्तराखंड का आज का हाल यह है कि अगर आपसे कोई पूछे कि उत्तराखंड सरकार का क्या हाल है आप आंख मूंद कर कह सकते हैं डूब गयी.

– काफल ट्री डेस्क

नैनीताल लोकसभा सीट में उज्याड़ खाणी बल्द और यकलू बानर हैं मुद्दे

सर्दियों में नैनीताल से चीनापीक की वाॅक – फोटो निबन्ध

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह…

2 days ago

देवदार या देव दारु

देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार…

6 days ago

कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है

“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों…

6 days ago

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

2 weeks ago

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

3 weeks ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

3 weeks ago