क्या आप जानते हैं उत्तराखंड सरकार की बौना पेंशन योजना

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद इसके इतने हाल खराब हुये हैं कि यहां सरकार के विषय में सकारात्मक खबर बहुत कम छपती है. अठारह साल में उत्तराखंड में कुछ योजनाएं ऐसी भी हैं जो उत्तराखंड के भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में यहां के लोगों के लिये चलाई गयी हैं.

उत्तराखंड सरकार की एक ऐसी ही योजना है बौनों के लिये. बौना पेंशन योजना के तहत उत्तराखंड में यह योजना 4 फीट से कम लम्बाई वाले व्यस्क को मासिक पेंशन देती है.

पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक कारणों से कई लोगों की लम्बाई नहीं बढती है इसके अलावा पोषण की कमी कारण भी कम लम्बाई के कई व्यस्क पहाड़ी क्षेत्रों में दिखते हैं.

समाज कल्याण विभाग की वैबसाइट के अनुसार

बौने व्यक्ति को समाज के साथ तथा सामाजिक परिवेश में अपने जीवन-यापन करने मे कठिनाई का सामना करना पड़ता है अतः उत्तराखण्ड़ राज्य के बौने व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से बौना पेंशन प्रदान की जाती है.

इस योजना के तहत व्यस्क की आयु 21 वर्ष होनी चाहिये और सामजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत किसी भी योजना से लाभान्वित नहीं होना चाहिये.

इस योजना के तहत मासिक आय की पात्रता संबंधी कोई प्रावधान नहीं है. योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये दिये जाते हैं.

महिला कल्याण विभाग द्वारा इसी तरह मिलन वेब पोर्टल भी खोला गया है. जिसमें बहुत सी लापता महिलाओं की तस्वीरें और जानकारी साझा की गयी हैं. इस वेबसाइट में लगभग नौ पन्ने हैं जिनमें लगभग 100 लापता महिलाओं की जानकारी दी गयी हैं जो वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के संरक्षण में हैं.

इसे वेबसाईट में अभी तक केवल नारी निकेतन देहरादून में रहने वाली महिलाओं की जानकारी ही दी गयी है. उम्मीद है कि सरकार आने वाले समय में इसे और अधिक बढ़ाएगी.

-काफल ट्री डेस्क

भगवान राम का बेहतरीन पुरातन मंदिर है नारायण देवल गाँव में

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

  • Congratulations & Best Wishes to Karaltree.com for Sharing Beautiful & Important Informations About Uttarakhand.????? Jai Uttarakhand. ??

Recent Posts

उत्तराखंड के पहाड़ों का कटु सत्य है पायर “चिता”

विनोद कापड़ी द्वारा निर्मित चर्चित फ़िल्म पायर "चिता" पूरे देश में रिलीज गई है. 26…

2 days ago

डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया: उत्तराखंड के इतिहास, समाज और अर्थव्यवस्था को समझने की एक दृष्टि

पिछली कड़ी : धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’ डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया की पुस्तक, "द कुमाऊं…

2 days ago

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी,…

2 weeks ago

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…

3 weeks ago

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…

3 weeks ago

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…

3 weeks ago