उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर में खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले में झारखंड को एक पारी और छह रन से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बना ली.
6 से 8 जनवरी तक कीनन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उत्तराखंड ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बढ़ती परिपक्वता और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया. पहले झारखंड को उसकी पहली पारी में 235 रन पर समेटने के बाद उत्तराखंड ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए 371 रन बनाए और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया.
उत्तराखंड की पारी की मजबूत नींव जगदीशा सुचित ने रखी, जिन्होंने 172 गेंदों पर धैर्यपूर्ण 70 रन बनाकर मध्यक्रम को संभाले रखा. वहीं कप्तान कुणाल चंदेला ने आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए 112 गेंदों में 68 रन की उपयोगी पारी खेली. इन दोनों की साझेदारियों से टीम ने न सिर्फ पिछड़ापन खत्म किया, बल्कि निर्णायक बढ़त भी हासिल कर ली.
अगर बल्लेबाजी ने मंच तैयार किया, तो गेंदबाजी ने कहानी को अंजाम तक पहुंचाया. झारखंड की दूसरी पारी तीसरे दिन एक सत्र भी नहीं टिक सकी और पूरी टीम 130 रन पर ढेर हो गई. इस पारी के नायक रहे मयंक मिश्रा, जिन्होंने मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हुए कुल आठ विकेट झटके. पहली पारी में 50 रन देकर तीन विकेट लेने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में शानदार 5 विकेट 22 रन देकर झारखंड की कमर तोड़ दी और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. अभय नेगी ने भी 36 रन देकर चार विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई.
टीम को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को “ऐतिहासिक” बताया. उन्होंने कहा – “यह हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है. यह उपलब्धि राज्य के उन युवा क्रिकेटरों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगी, जो उत्तराखंड और आगे चलकर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं.”
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