ट्रेल पास अभियान भाग – 2
पिछली कड़ी पहली जून 1994 को जब अस्कोट-आराकोट अभियान दल मुनस्यारी पहुंचा, दल के अधिकांश सदस्य मेरे पूर्व परिचित मित्र थे. उनके आवास तथा भोजन की उचित व्यवस्था की गई. मैंने लेह-लद्दाख भ्रमण का क... Read more
ट्रेल पास अभियान भाग – 1
छानपुर और जोहार घाटी के मध्य लगभग 18000 फिट ऊॅंचे गिरिपथ को पार कर तिब्बत व्यापार हेतु सुगम मार्ग खोज निकालने के उद्देश्य से दानपुर क्षेत्र के सूपी ग्राम निवासी मलूक सिंह का प्रयास सन् 1830... Read more
नगर पिथौरागढ़ का सम्पूर्ण इतिहास
‘शोर’ परगने को वर्तमान में जिला पिथौरागढ़, जिला बनने से पूर्व पिठौरागढ़, पिठौडागढ़ नाम से पुकारा जाता था. आम बोलचाल और शोरयाली भाषा में इसे शोर कहा जाता था. गंगोली, काली कुमाऊँ, अल्मोड़ा, नैनीता... Read more
कालिदास की कल्पना का रहस्य लोक उत्तराखण्ड
राजधानी के चहल-पहल भरे वातावरण में आपाधापी, दौड़ धूप, भीड़-भाड़ और शहरी प्रदूषण की बीच जब कभी मन कल्पना के पंख लगाकर सुदूर कुमाऊं की पहाड़ियों में उड़कर पहुंचता है तो मन को कितनी शांति मिलती है,... Read more
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