पुन्यों सी उजली देबुली और नरिया के जीवन की एक झलक
छिलुके की रोशनी में चौथर का कोना कोना खिल उठा था. कई महीनों बाद दो दिन पहले ही चौथर लिपा घिसा गया था. छिलुके की रोशनी में धान कूटते देबुली की चूड़ियों की खनक किसी साज पर सजी अंगुलियों की करत... Read more
भगवत गीता के श्लोकों का कुमाऊंनी अनुवाद
भगवत गीता के श्लोकों का यह अनुवाद चारुचन्द्र पांडे द्वारा किया गया है. काफल ट्री में यह अनुवाद पुरवासी पत्रिका के 14वें अंक से साभार लिया गया है. (Kumaoni Translation of Bhagavad Gita) भौते... Read more
कुमाऊंनी लोक साहित्य में नारी का विरह
सामान्य जनों या आशुकवियों द्वारा मौखिक परम्परा के रुप में अभिव्यक्त साहित्य लोक साहित्य कहलाया. परिवेश के अनुसार उसकी अभिव्यक्ति विरह और मिलन दोनों रुपों में हुई है. नारी यों तो सृष्टि की वह... Read more
हमारे एक कुमाउंनी मित्र ने कुछ समय पूर्व अपनी आंखों का आपरेशन कराया. उन्हें मोतियाबिंद हो गया था. मिलने पर जब बातचीत हुई तो उन्होंने आंखों में ‘बडू जाव’ शब्द का प्रयोग किया, मोतियाबिंद का नह... Read more
1984 में अल्मोड़े के विज्ञापनों की दुनिया
इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सफ़ेद को सुंदर और काले को बदसूरत मानने के चलन में विज्ञापन की कितनी बड़ी भूमिका है. लेकिन इस बात के पूरे साक्ष्य उपलब्ध हैं कि सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तुओं ने... Read more
ट्रेल पास अभियान भाग – 5
पिछली कड़ी पिण्डारी कांठा में चार दिन पांच अक्टूबर के प्रातः ही चाय के पश्चात् चन्दोल, तेवारी, शाहजी और कीर्तिचन्द दो कुलियों को साथ लेकर आगे निकल गये. ग्यारह बजे हमने भी प्रस्थान किया. तख्ता... Read more
ट्रेल पास अभियान भाग – 4
पिछली कड़ी 30 सितम्बर के प्रातः एक नेपाली कुली को अल्यूमीनियम की सीढ़ी के शीघ्र बुढ़ियागल के नाले तक पहुंचाने हेतु भेजा गया, साथ में दो सदस्य भी सहायक के रूप में गये. राजेश शाह, राकेश शाह और कि... Read more
मध्यकालीन गढ़वाल राजनीति का चाणक्य भाग – 2
पिछली कड़ी कूटनीतिज्ञ पूरिया नैथानी की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण यात्रा 1680 में मुग़ल दरबार में रही. मुग़ल सम्राट औरंगजेब ने अपनी धार्मिक नीति के अंतर्गत 1665 ई. में हिन्दुओं पर जजिया कर लगाया था.... Read more
ट्रेल पास अभियान भाग – 3
पिछली कड़ी दूसरे दिन प्रातः चाय के पश्चात् शाह जी थ्रीश कपूर और मैं पुनः खाती गांव गये. कुलियों के लिये राशन तथा आलू खरीदा गया. कपूर साहब विडिया फिल्म लेना चाहते थे. परन्तु बैट्री डाउन होने क... Read more
मध्यकालीन गढ़वाल राजनीति का चाणक्य भाग – 1
मध्यकालीन गढ़वाल की राजनीति जिसे गढ़ नरेशों के युग से भी जाना जाता है, में कुछ असाधारण व्यक्तियों ने अपनी विलक्षण प्रतिमा से इतिहास में स्थान बनाया है. इनमें पूरिया नैथाणी का नाम विशेष रूप से... Read more
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