इक आग का दरिया था और डूब के जाना था – गणित का परचा
मशहूर कथाकार मुंशी प्रेमचंद को गणित हिमालय सी ऊँचाई का लगता था. आगे की कई पीढ़ियों को भी लगा. महावीर को उससे भी ज्यादा. पाँचवी का बोर्ड उसके लिए अभेद्य सा दुर्ग बन गया . चार साल से लुढ़कते-लुढ़... Read more
कुक्कुट-हरण
ललित मोहन रयाल उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ललित मोहन रयाल का लेखन अपनी चुटीली भाषा और पैनी निगाह के लिए जाना जाता है. 2018 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘खड़कमाफी की स्मृत... Read more
माइकल चाचा का मर्म
ललित मोहन रयाल उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ललित मोहन रयाल का लेखन अपनी चुटीली भाषा और पैनी निगाह के लिए जाना जाता है. 2018 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘खड़कमाफी की स्मृत... Read more
रामलीला से कुछ अनछुए प्रसंग
समग्र बेस्टसेलर की बात करें तो एक अनुमान के मुताबिक रामचरित मानस अब तक की बेस्टसेलर किताब मानी जा सकती है. गोस्वामी जी का एक वृहद् पाठक वर्ग रहा है, जिसमें राजा-रंक, नर-नारी, आबालवृद्ध, जमीं... Read more
बावरे अहेरी
ललित मोहन रयाल उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ललित मोहन रयाल का लेखन अपनी चुटीली भाषा और पैनी निगाह के लिए जाना जाता है. 2018 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘खड़कमाफी की स्मृत... Read more
जग्गा डाकू का पहला सबक
मेदिनीधर के बड़े भाई थे, वंशीधर. वंशीधर भाई पढ़ने में बहुत होशियार थे. न जाने कब उन्हें उपन्यास पढ़ने की आदत पड़ी, जो धीरे-धीरे लत में बदलती चली गई. यहाँ तक कि वे फिजिक्स की क्लास में भी जेब... Read more
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