थोकदार और उसकी नवेली पत्नी के अनदेखे आंसू
Posted By: Kafal Treeon:
ज़माने बीते, जमानों की दुनिया बीत गयी, नयार नदी दूधातोली का अकूत पानी खदीली मिट्टी के साथ बहा कर समुद्र में मिला आई. कुछ बात तो जरूर हुई ही होगी. नहीं तो क्या इतनी दूर तक आती. मैंने तो ये कथा... Read more
जोगी और गौरा की कथा
Posted By: Kafal Treeon:
दिन भर रुक रुक कर बारिश और उसके साथ बर्फ पड़ती रही.माँ और दादी नंगे पैर पनदेरे से गागर में पानी सारते रहे.पूरे घर के लिए और गाय बाछी के लिए. दोनों के पैर ठंडी से नीले हो गए. दादा जी ने ओबरे म... Read more
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