चीन-भारत युद्ध के पराक्रमी उत्तराखण्डी सैनिक की शहादत के 58 साल बाद उनका खाना बनता है और जूते पॉलिश किये जाते हैं
Posted By: Kafal Treeon:
यह कहानी राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की है. 19 अगस्त, 1941 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुमान सिंह रावत के घर जन्मे जसवंत सिंह गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में तैनात थे. Brave Hero R... Read more
1 दिसंबर 1924 को राजस्थान में पैदा हुए मेजर शैतान सिंह भाटी ने स्नातक की डिग्री लेने के बाद जोधपुर राज्य की सेना में नौकरी शुरू की थी लेकिन जोधपुर रियासत के भारत में विलय के बाद उनका तबादला... Read more
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