सोर घाटी प्रकृति का एक उपहार है और इस उपहार का एक अनन्य नगीना हैं यहां के रीति-रिवाज और परम्परायें. इन्हीं परम्पराओं में एक है चैतोल का मेला. जो हर वर्ष सोर घाटी में मनाया जाता है. इस वर्ष भ... Read more
गोरखों की कुलदेवी मां उल्का देवी को मानते हुए पिथौरागढ़ में मां उल्का देवी मंदिर की स्थापना की थी. गोरखों ने अपने समय में इसकी स्थापना राज्य के पर्वत शिखर पर की थी. आज यह मंदिर पिथौरागढ़ मुख्य... Read more
सोरघाटी में वर्षा का देवता मोष्टामानू
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 9 किमी के दूरी पर उत्तरी दिशा में मोष्टामानू का मंदिर है. समुद्र तल से इस मंदिर की ऊँचाई 6500 फिट है. चंडाक के दाई ओर स्थित मोष्टामानू का यह पौराणिक मंदिर पिथौरागढ़... Read more
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