सुनील अरोड़ा भारत के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त

सुनील अरोड़ा ने 02 दिसम्बजर, 2018 को ओ.पी.रावत के पश्चाेत, भारत के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है. रावत ने अपना कार्यकाल पूरा करने के पश्चापत पद त्या ग दिया है.

मुख्य निर्वाचन आयुक्तक का प्रभार ग्रहण करने से पूर्व, श्री अरोड़ा 1 सितम्बार, 2017 से भारत के निर्वाचन आयुक्तअ के रूप में कार्यरत थे. निर्वाचन आयुक्तू के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, हिमाचल प्रदेश,गुजरात, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैण्डि तथा कर्नाटक राज्योंर के निर्वाचन सफलतापूर्वक संचालित किए गए.

उन्होंरने विभिन्नर महत्वापूर्ण पदों जैसे कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव के रूप में; वर्ष 2002 से 2005 के बीच तत्काकलीन इंडियन एयरलाइंस के अध्यिक्ष तथा प्रबंध निदेशक के रूप में; एयर इंडिया, भारतीय विमानपत्तदन प्राधिकरण लिमिटेड और राष्ट्री य कौशल विकास निगम के निदेशक मंडल के सदस्यर के रूप में कार्य किया है. श्री अरोड़ा ने कई अन्ये महत्वनपूर्ण पदों पर कार्य करने के अतिरिक्तन वर्ष 2005 से 2013 तक राजस्थावन राज्य्औद्योगिक विकास और निवेश निगम (आरआईआईसीओ) के अध्य्क्ष तथा वर्ष 2013-2014 में राजस्थासन सरकार में अपर मुख्य् सचिव (गृह) के रूप में भी कार्य किया है.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

7 days ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

1 week ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

1 week ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

1 month ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

1 month ago