Featured

तुझे वहां से भला कैसे लेकर आऊंगा

बहन ने कहा

-चंद्रभूषण

पानी खींचने की प्रतियोगिता चल रही थी
कोई विजेता खड़ा था, जिसका नाम भूल गया
फिर अगले साल एक और चैंपियन गोखड़ करके
लेकिन साफ-साफ दिखा दोनों बार कि पानी
उनके आगे डेढ़ेक बाल्टी से ज्यादा नहीं धरा था

बस इतने से पानी के लिए इतना सारा हंगामा?
पूछा तो पता चला कि चांद से निकाला गया था
पूरा साल लगाकर जो जितना निकाल पाया
उसको मिला उतना ही बड़ा पुरस्कार
एक-एक ग्राम की नापी है, घपला कोई नहीं

तीसरे साल की चैंपियनशिप मेरी बहन जीती
जिसे मेडल दिए जाते मैं नहीं देख पाया
घर लौटा तो पाया कि पर्दे में नहा रही है
भीतर से बोली, बाबू कपड़े तो उधर ही रह गए
उधर यानी चांद पर, लपक के लेते आना जरा

यह सब हो गया सुबह बमुश्किल पांच मिनट में
आंखें मलते मन ही मन बोला मैं घांव-मांव
चांद पर जाऊंगा रे बहन, कपड़े भी ले आऊंगा
लेकिन जिन चांद-तारों में गई तूं पैंतीस साल पहले
तुझे वहां से भला कैसे लेकर आऊंगा?

चन्द्र भूषण

चन्द्र भूषण नवभारत टाइम्स में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. विज्ञान एवं खेलों पर शानदार लिखते हैं. समसामायिक मुद्दों पर उनकी चिंता उनके लेखों में झलकती है. चन्द्र भूषण की कविताओ के दो संग्रह प्रकाशित हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन

पिछली कड़ी : उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी…

2 days ago

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

2 weeks ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

2 weeks ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

1 month ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

1 month ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

1 month ago