फोटो: योगेश सौन
बीते दो दिन सोरघाटी के 22 गावों में चैतोल का आयोजन हुआ. चैतोल में सोरघाटी के प्रमुख लोकदेवता देवलसमेत महाराज अपनी बहिनों, माता भगवती के अनेक रुपों को भिटौली देने बाईस गांवों का भ्रमण करते हैं. दो दिवसीय चैतोल पर्व में देवल समेत का डोला बिण क्षेत्र के आसपास के 22 गांवों में घुमाया जाता है. इन गाँवों की अपनी यात्रा के दौरान देवलसमेत द्वारा सभी गांवों की देवियों की आराधना की जाती है. इस भ्रमण के दौरान देवलसमेत द्वारा भिटौली की रस्म अदायगी की जाती है.
(Photos of Chaitol Festival 2022)
डोले के यात्रा मार्ग में बिण, मखनगाँव, कुटोली, बरड़, सिमखोला, रिखाई, चैंसर, कुमडार, दल्ल्गांव, बसते, नैनी, सैनी, ऊर्ण, उड़माया, जामड़, घुंसेरा, भड़कटिया, मढ़, सितौली, कासनी, कुसौली, रुइना, और जाखनी आदि गाँव आते हैं.
इस वर्ष हुई भव्य चैतोल की तस्वीरें देखिये. सभी तस्वीरें पिथौरागढ़ से योगेश सौन ने भेजी हैं:
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