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3 Comments

  1. राघव

    नेहरू ने भी एक किताब लिखी थी- भारत एक खोज । क्या नेहरू इतिहास की समझ रखता था ? क्या वह पुरातत्वविद था ? पुरातत्व के क्षेत्र में क्या उसने काम किया था ? नहीं न, पर उसने इतिहास से संबंधित किताब लिखी वह भी जेल में रह कर ! गजेटियर ऑफ बम्बे प्रेसीडेंसी का लेखक क्या इतिहासकार था ? इतिहास की उसे कितनी समझ थी , कोई बतायेगा ? किस ब्रिटिश विश्वविद्यालय से उसने इतिहास की शिक्षा ली थी ? उस समय क्या ब्रिटेन में विश्वविद्यालय थे ? बड़े आये बम्बे गजेटियर का शान से संदर्भ देने ?

  2. हेम

    बहुत ही खराब वर्णन, आप के द्वारा दिये गए संदर्भों की सत्यता ही संदिग्ध है। और ऐसे संदिग्ध साहित्य के आधार पर लिखा गया आपका लेख भी संदेहास्पद होने के साथ ही हास्यास्पद भी है।

  3. चारु

    अगर कुछ विशेष संदर्भों को अल्प रूप में उचित मान भी लिया जाए तो इसे बिल्कुल सही कैसे माना जा सकता है। क्योंकि कुमाऊं की उपजातियां ऋषि कुल के गोत्रों का इस्तेमाल करती है। जो कि पश्चिम से आने वाले समूह नहीं कर सकते क्योंकि हिन्दू जाति समूहों की मान्यता के अनुसार वे ऋषि कुलों के वंशज है। अपने तात्कालिक लाभ के लिए समाज के किसी वर्ग द्वारा इस प्रकार गोत्रो के नाम के इस्तेमाल को मान्यता दी गयी हो तो वह एक अलग स्थिति होगी। जैसा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में भी दृष्टिगोचर होता है।

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