Categories: Featured

आज रात 12 बजे से उत्तराखंड रोडवेज की बसों के पहिये हो सकते हैं जाम

उत्तराखंड रोडवेज के कर्मचारी वेतन और बोनस को लेकर नाराज हैं जिसके चलते आज उन्होंने आज रात बारह बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. उत्तराखंड का 70 प्रतिशत परिवहन रोडवेज बसों पर निर्भर है इसके कारण हड़ताल से उत्तराखंड के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. (Employees of UTC have Announced an Indefinite Strike)

उत्तराखंड में इन दिनों पहले से ही कुछ रेल रद्द चल रही हैं. दीपावली जैसे बड़े त्योहार के चलते पहले से ही उत्तराखंड रोडवेज पर अतिरिक्त भार है यदि ऐसे में यदि रोडवेज परिवहन के कर्मचारी हड़ताल करते हैं तो राज्य के लोगों को ख़ासा दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं. (Employees of UTC have Announced an Indefinite Strike)

उत्तराखंड में राज्य परिवहन की बसें पर्वतीय क्षेत्रों की लाइफ लाइन हैं ऐसे में अधिक तकलीफ़ पहाड़ के यात्रियों को ही होगी. रोडवेज कर्मचारी निम्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं –

कर्मचारियों की मांगें

1- सितंबर महीने की तनख्वाह का भुगतान किया जाए.
2- पहले के जैसे दीपावली का बोनस दिया जाए.
3- चार साल का बकाया ओवरटाइम दिया जाए.
4- वित्तीय घोटालों में लिप्त अधिकारियाें के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

हड़ताल को लेकर कर्मचारी यूनियन की सोमवार को प्रदेशभर में बैठकें हुईं और सदस्यों ने डिपो में अवकाश के प्रार्थना-पत्र थमा दिए गये. यूनियन का कहना है कि उत्तर प्रदेश रोडवेज ने भी हड़ताल का समर्थन किया है. इसके चलते उत्तराखंड में यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ जायेंगी.

दैनिक जागरण की ख़बर के अनुसार –

कर्मचारी यूनियन की संभावित हड़ताल को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने कर्मियों की छुट्टियां रद कर दी हैं एवं छुट्टियों पर रोक भी लगा दी है. दफ्तरों में बैठे चालक और परिचालकों को भी रूट पर भेजने की तैयारी चल रही है.

हड़ताल के विषय पर रोडवेज महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि त्योहारी सीजन में इस तरह हड़ताल पर जाना बिलकुल सही नहीं है. कर्मचारियों की समस्याओं का निदान किया जा रहा है. सितंबर का वेतन जारी कर दिया गया है व कोशिश है कि 25 अक्टूबर तक सभी डिपो के हर श्रेणी के कर्मचारी को वेतन का लाभ मिल जाए. निगम की आर्थिक स्थिति अभी बोनस देने में सक्षम नहीं है. कर्मचारियों को भी स्थिति समझनी चाहिए.

-काफल ट्री डेस्क

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

1 day ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 days ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 days ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 days ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 days ago

सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा

दुनिया बड़ी तेजी से बदल रही है. (Smriti Yatra Poem by Sindhuja) शायद हर पीढ़ी,…

6 days ago