कहानियाँ कहाँ से आती हैं
अफ्रीकी लोक-कथाएँ: 3 (एक पारम्परिक ज़ुलू लोककथा) बहुत, बहुत साल पहले की बात है. यह इतनी पुरानी बात है जब शायद पहले आदमी और पहली औरत को धरती पर आए बहुत समय नहीं हुआ था. इसी धरती पर कहीं मान्ज... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 3
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
मध्य अमेरिका में पुल पर प्रवासियों का कैम्प
होंडुरास इन दिनों खबरों में इसलिये है क्योंकि यहाँ से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका में शरण लेने को निकल चुके हैं. इसके लिये उन्हें पहले ग्वाटेमाल फिर मैक्सिको पार करना होगा. होंडुरास से कुछ लो... Read more
नैनी – सैनी से आधुनिकतम सुविधाओं से लेस कंडेक्टर के साथ उड़ेगा नौ सीट वाला बड़ा विमान
एक समय था जब पिथौरागढ़ के लड़के जमीन से हैलीकाप्टर को इस उम्मीद से हाथ हिलाया करते थे कि एक दिन उनके यहां भी एक एयरपोर्ट तैयार होगा. अब ये लड़के इतने बड़े हो चुके हैं कि जमीन में खड़े हैलीकाप्टर... Read more
एक दिन में नष्ट किया जा सकता है कोई भी पुस्तकालय
हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ – 2 अस्सी के दशक में समकालीन कविता में जिन महत्वपूर्ण कवियों ने पहचान बनायी उसमें हरीश चन्द्र पाण्डे का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है. समकालीन हिन्दी कव... Read more
कहो देबी, कथा कहो – 5
पिछली कड़ी साहित्य की प्रयोगशाला नैनीताल मेरे लिए साहित्य की प्रयोगशाला भी रहा जहां मैंने साहित्य की बारहखड़ी लिखी और पढ़ी. गांव से दूर सपनों के शहर में पढ़ने के लिए जरूर चला आया था लेकिन पढ़ते-ल... Read more
दो त्वचाओं वाली औरत
अफ्रीकी लोक-कथाएँ : 2 कालाबार का राजा एयाम्बा बहुत ताकतवर था. उसने अपने पड़ोस के सभी देशों को हराकर उन पर कब्ज़ा कर लिया था. उसने वहां के सभी बूढ़े औरत-आदमियों को मरवा दिया और सारे हट्टे कट्... Read more
आल वेदर रोड पर सुप्रीम कोर्ट की पैनी निगाह
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से ‘चारधाम महामार्ग विकास परियोजना’ को दी मंजूरी पर रोक लगा दी. परियोजना 12 हजार करोड़ रुपये की थी. इस परियोजना के तहत ऑल-वेदर संपर्क मार... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 2
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मंदिर में... Read more
आज से तकरीबन 20 साल पहले 1998 से अल्मोड़ा में शरदोत्सव होता आया है और अल्मोड़ा शहर के तमाम कलाकार जी जान से इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए जुटे रहे हैं. इसी आयोजन में फोटो प्रदर्शनी को सफल ब... Read more


























