उत्तराखण्ड में शीतला देवी के विशिष्ट रूप
शीतलादेवी के मंदिर उत्तराखण्ड के अनेक स्थानों में हैं. कुमाऊं में यह बरौरी, द्वाराहाट, शीतलाखेत, अल्मोड़ा तथा काठगोदाम में हैं. काठगोदाम स्थित शीतलादेवी के विषय में मान्यता है कि इसे बदायूं क... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 25
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मंदिर में... Read more
बमराड़ी ढाबे में झोली डुबके के मज़े
कुमाऊँ के बागेश्वर और गरुड़ के ठीक बीच में एक छोटी सी बसासत पड़ती है – बमराड़ी. यहाँ से दोनों जगहें बारह-बारह किलोमीटर की दूरी पर हैं. इस जगह को पिछले कुछ समय से एक बेहतरीन ढाबे के कारण ख... Read more
जौलजीबी मेला 2018 – फोटो निबन्ध
जौलजीबी का मेला एक ऐतिहासिक ही नहीं सांस्कृतिक मेला भी है. नेपाल और पिथौरागढ़ सीमांत के इस क्षेत्र के लोगों के बीच एक लम्बे समय से रोटी बेटी का रिश्ता रहा है. जौलजीबी के मेले में व्यापार के स... Read more
तिब्बत का पहला भौगोलिक अन्वेषण करने वाले उन्नीसवीं शताब्दी के महानतम अन्वेषकों में से एक माने जाने वाले मुनस्यारी की जोहार घाटी के मिलम गाँव के निवासी पंडित नैनसिंह रावत के बारे में एक लंबा... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 33
कुमाऊं अंचल में कई प्रख्यात कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों ने जन्म लिया. उनमें से कुछ को जाना गया, कुछ उपेक्षित रहे और कुछ गुमनामी का जीएवन जीकर चले गए. प्रख्यात नृतक हरीश चन्द्र भगत भी... Read more
भाई साहब की विज्ञान से नाराजगी
भाई साहब विज्ञान विषय से उच्च शिक्षित हैं. मोबाइल, लैपटॉप, फ्रिज, कार, मोटरसाइकिल सबका भरपूर प्रयोग करते हैं, लेकिन विज्ञान से नाराज रहते हैं. उन्हें लगता है, जीवन में जो भी है, ईश्वर की वजह... Read more
भारत और नेपाल की सीमा पर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से तकरीबन 68 किमी. पर जौलजीबी कस्बा बसा है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण एक जमाने में यहीं से नोटिफाइड एरिया शुरू होता था. गोरी नदी पर बने प... Read more
जवान होते बेटो-अष्टभुजा शुक्ल जवान होते बेटो!इतना झुकनाइतनाकि समतल भी ख़ुद को तुमसे ऊँचा समझेकि चींटी भी तुम्हारे पेट के नीचे से निकल जाएलेकिन झुकने का कटोरा लेकर मत खड़े होना घाटी मेंकि ऊपर... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 24
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मंदिर में... Read more


























