नन्द वंश के अंत में उत्तराखण्ड की भूमिका
उत्तराखंड का इतिहास भाग – 6 भारत के इतिहास में केवल मौर्य, मुग़ल और ब्रिटिश ही अपने स्वर्णिम दिनों में नन्दवंश से बड़ा साम्राज्य स्थापित करने में सफल रहे. महापद्मनंद ऐसा पहला शासक था जिसने इतन... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 38
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
विशाल राठौर का हिमालय – फोटो निबंध
मुम्बई में रहने वाले विशाल राठौर का उत्तराखण्ड के हिमालय से अन्तरंग रिश्ते हैं. बेहतरीन फोटोग्राफर विशाल राठौर उत्तराखण्... Read more
यहां से डाटा चोरी कर रहा है फेसबुक
28 सितंबर को फेसबुक ने एक प्रेस नोट जारी करके बताया कि उसके सरवर से पांच करोड़ लोगों की प्रोफाइल हैक हो चुकी हैं. हैक बोले तो चोरी. उन प्रोफाइल्स में जो कुछ भी था, वह सब चोरी हो गया. यह चोरी... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 40
आज स्थिति बिल्कुल अलग हो गई है पूरा हल्द्वानी और उसके आसपास के मीलों तक फैले गांव फतेहपुर, लामाचौड़, लालकुआं और रामपुर रोड के गांव सब कंक्रीट के जंगल में परिवर्तित हो गए हैं. एक गली, दूसरी, त... Read more
पहाड़, पर्यावरण और प्लास्टिक का कचरा
अस्सी के दशक के शुरुआती वर्षों के दौरान मेरे गाँव के लोग स्थायी गाँव से दूर खेड़े (मंजरों) में जमीन कमाने जाते थे. गाँव के अन्य बच्चों की तरह मैं भी अपने परिवार वालों के संग हो लेता. वहीं खेल... Read more
कहो देबी, कथा कहो – 15
किलै, मैं देबी उस दिन कमरे में अकेला था. कमरे का दरवाजा भी बंद था. गहरे सोच में डूबा था कि सहसा लगा, कमरे में कोई है. कुछ समझता, इससे पहले ही अचानक खम्म से वह सामने आ खड़ा हुआ. मैंने चौंक कर... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 37
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
यह क्रांतिकारी दिन था
साधो हम बासी उस देस के – 3 -ब्रजभूषण पाण्डेय टुच्ची और हमारी सारी उम्मीदें तो बस ग्रू के करम पर टिकी थीं. सो उसकी ख़ुशी में ख़ुश होने का सफल दिखावा करने के अतिरिक्त हमारे पास कोई दूसरा चारा... Read more
आज भी बरकरार है बौराणी मेले की रंगत
उत्तराखण्ड को अगर पर्वों, उत्सवों और मेलों की भी धरती कहा जाये तो ग़लत नहीं होगा. पूरे प्रदेश में साल भर विभिन्न मौकों पर सैकड़ों मेले आयोजित किये जाते हैं. इनमें से ज्यादातर मेले धार्मिक, सां... Read more


























