बाड़ाहाट से मंगसीर बग्वाल की कुछ तस्वीरें
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के सीमांत जनपद उत्तरकाशी के टिहरी, नौगांव, पुरोला. मोरी, जनपद के थत्युड, देहरादून के कालसी, चकराता, हिमाचल के शिमला, कुल्लू, सिरमौर में मैदानी इलाकों में मनायी जाने... Read more
मुनस्यारी के किस्से
मुनस्यारी के किस्से –लवराज टोलिया मुनस्यारी बड़ा छोटा सा शहर है साहब, इतना छोटा कि आज भी बच्चे-बूढ़े लहराते हुए 15 मिनट में शहर की छोटी-मोटी रैकी या तफरी सी काट आते है, वो अलग बात है कि... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 53
कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड नामक यह कम्पनी हिस्सों की बुनियाद पर नहीं बल्कि एक प्रकार से सहकारी भावनाओं को लेकर मालिकों ने अपनी-अपनी गाड़ियां एक कम्पनी के अन्दर सामूहिक व्यवस्था के तहत र... Read more
रामगढ़ और धारी के युवाओं की पानी बचाने की मुहिम
पानी की हर बूंद को बचाने की मुहिम पंकज सिंह बिष्ट आज कहीं जब चुनाव हो रहे होते हैं तो, चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है. किसी ने दूसरे मजहब पर कटाक्ष कर दिया तो बवाल हो जाता है. यहाँ तक कि ल... Read more
पूरा पहाड़ हमारा था, मैंने बेच दिया…
पिछली सात तारीख को उत्तराखण्ड विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र समाप्त हो गया. इस सत्र में उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 (अनुकलन एवं उपरांतरण आदेश 2001) (संश... Read more
कहो देबी, कथा कहो – 19
अनुशासन के वे दिन इंटरव्यू बहुत अच्छा रहा. शैक्षिक योग्यताएं और अनुभव भी काफी अच्छा था, इसलिए कमेटी ने उसे चुन लिया. कुलपति ने इंटरव्यू के बाद उसे मिलने को बुलाया और बैठा कर समझाया कि यहां उ... Read more
पिथौरागढ़ से भारतीय बाक्सिंग के पितामह
भारत के सर्वश्रेष्ठ बाक्सरों ओमप्रकाश भारद्वाज, किशन सिंह, जगजीवन सिंह, पद्म बहादुर मल्ल, एमके राय, एसके राय, एमएल विश्वकर्मा, डॉ॰ धर्मेंद्र भट्ट, भास्कर भट्ट, राजेंद्र सिंह, प्रकाश थापा, हव... Read more
पशुपालकों के लोकदेवता सिदुआ-बिदुआ
गढ़वाल की लोक गाथाओं एवं देवगाथाओं (घड़ियाला/जागर) के अनुसार सिदुआ, बिदुआ नामक भाइयों को लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है. ये दोनों भाई रमौला (सेममु-खेम) के गंगू रमौला के पुत्र थे. दोनों भाई ग... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 51
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more



























आइफ़िल टावर से क्रिकेट कमेंट्री
कैसी-कैसी क्रिकेट कमेंट्री – एलन मैकगिल्वरे -अशोक पांडे साल 1938. ऑस्ट्रेलिया. सर्दियों की एक निद्राहीन रात. विक्टोरिया, क्वींसलैंड और न्यू साऊथ वेल्स में तमाम घर रोशन थे, चिमनियों से... Read more