पिथौरागढ़ का गुरना माता मंदिर
घाट से पिथौरागढ़ के बीच लम्बे मोड़ों वाली घुमावदार सड़क है. पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग है. 1950 में जब पिथौरागढ़ शहर में सड़क पहुंची तो पहले कुछ वर्षों में इस सड़क में बहुत सी द... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 53
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
कैसे बनती हैं बरेली की मशहूर सेवइयां
बरेली के मठ लक्ष्मीपुर में इरफ़ान अली पिछले १५ सालों से अपने दो भाइयों नाज़िम और नौशाद के साथ मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान और सावन में रोजादारों और भक्तों के लिए सेवइयां बनाते हैं. वे मैदे से इन से... Read more
नैनीताल में थियेटर का इतिहास करीब एक शताब्दी पुराना है और नैनीताल नगर ने लम्बे समय से रंगमंच के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई हुई है. ललित तिवारी, निर्मल पांडे, सुदर्शन जुयाल, सुनीता रजवार... Read more
भारतीय हॉकी का चमत्कारिक खिलाड़ी रूप सिंह
ग्वालियर के रूप सिंह स्टेडियम का नाम एक महान हॉकी प्लेयर के नाम पर रक्खा गया. रूप सिंह भारतीय हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के भाई थे. रूप सिंह हॉकी के शानदार लेफ़्ट-इन प्लेयर थे. जो गेंद को गोली क... Read more
मेट्रीमोनियल वाली झूठी लड़की
ये कई साल पहले की बात है. दो लड़कियां थीं. एक ब्वॉयफ्रेंड वाली, एक मेट्रीमोनियल वाली. ब्वॉयफ्रेंड वाली लड़की 24 साल की थी और मेट्रीमोनियल वाली 34 की. दोनों मजबूत दिमागों और फैसलों वाली लड़... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 54
कई दूसरे शहरों में मुस्लिम समाज के बीच भी धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपसी फसादाता होते रहते हैं, किन्तु यहां बरेलवी और देवबंदी दोनों मतों को मानने वाले धार्मिक मामलों में आपसी सुलह-समझौते को... Read more
पढ़ाई से महत्वपूर्ण होती सूचना
एक समय था, जब पढ़ती हुई क्लास तथा पढ़ाते हुए शिक्षक को बड़े सम्मान से देखा जाता था. कोई व्यक्ति चाहे बड़ा हो या छोटा सीधे कक्षा में प्रवेश नहीं करता था. न्यू छंगामल कॉलेज में अब दृश्य बदल चुका ह... Read more
रड़गाड़ी रागस – जोहार की लोककथा
महीना नवम्बर का था. जोहार घाटी के सभी लोग वापस अपने शीतकालीन घर यानी मुनस्यारी आ चुके थे. व्यापार के उद्देश्य से तिब्बत गए एक व्यापारी को वापस लौटने में विलम्ब हो गया था. वह भेड़-बकरियों के अ... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 52
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more


























