सुर्ख गालों पर तपिश लिए भरे बाजार जब मैंने अर्चना वर्मा को जीवन भर के लिए कहा गुडबाय
पहाड़ और मेरा जीवन – 31 अपनी सहपाठी अर्चना वर्मा के बारे में मैंने पहले भी जिक्र किया था और आज तो पूरी कथा ही उस पर लिख रहा हूं. इसके बाद मेरे पास उसके बारे में लिखने को कुछ और न रह जाएगा बश... Read more
अल्मोड़ा में रामचंद्र गुहा का भाषण : दस कारण जो गांधी को अब भी प्रासंगिक बनाते हैं
आज रामचंद्र गुहा का जन्मदिन है. रामचंद्र गुहा की गिनती समकालीन भारत के सबसे प्रखर एवं बहुप्रतिभाशाली इतिहासकारों में होती है. उन्होंने इतिहास, पर्यावरण और क्रिकेट जैसे विविध विषयों पर अनेक म... Read more
रं समाज में विवाह पद्धतियां
रं समाज में मुख्यतः एकल विवाह ही होता है, परन्तु कभी-कभी बच्चे नहीं होने की दशा में या पत्नी की मृत्यु हो जाने पर दूसरी शादी भी कर लेते हैं. रं समाज से अभी भी अन्तर्विवाह को ही ज्यादा महत्ता... Read more
ऑल वैदर रोड के बहाने उत्तराखंड की सड़कों की हालत
समय आ गया है कि इस बात पर बहस की जाय उत्तराखंड राज्य में सड़क ने विकास किया है या विनाश. राज्य में जितना अंदर सड़क गयी है उतना पलायन की दर वहां बड़ी है लेकिन जिन जगहों पर सड़क गयी है वहां के लोग... Read more
ट्रांजिस्टर लटकाए हुए रिमोट खोजने की जद्दोजहद. अबोध सवाल. जिज्ञासा भरे सवाल. अजीबोगरीब हरकतें. जवाब देने वालों का उससे पूछना, “पीके आया है क्या?” बारंबार यही सवाल पूछे जाने पर वह... Read more
संजीव भगत कुमाऊँ के उन गिने-चुने लोगों में हैं जिन्होंने मामूली पूंजी से सफल उद्यम खड़ा कर एक मिसाल कायम की है. एक हिमालयी राज्य के युवाओं के लिए संजीव की कंपनी ‘नैनीताल फूड प्रोडक्टस’ उम्मीद... Read more
लोकतंत्र के पहरुवे
गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-4 पिछली कड़ी- घोषणा पत्रों में चरम सुख बाजार की उथल-पुथल भरी खबर को खंगालते गली मोहल्ले में बीते महीने से बढ़ गई हलचल को मथते गैरी गुरु का मन लोक... Read more
तूतू – मैंमैं
‘आखिर हुआ क्या?’ ‘होना क्या था? वो हमें बाज़ार में मिले. हमे बहुत जाने-पहचाने से लगे.’ ‘फिर?’ ‘हम भी उन्हें बहुत जाने पहचाने से लगे. वो हमे पहचानने क... Read more
ग्राम तिदांग के ह्या छूङ सै की कहानी
ग्राम तिदांग के ह्या रंचिम का युग व सिम कच्यरो पैं के युग की समाप्ति के बाद ह्या छूङ सै का जमाना आता है जो इस प्रकार है. ह्या छूङ सै अपने निवास स्थान किदांग तकलाकोट तिब्बत से आसपास के रास्ते... Read more
एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में पिथौरागढ़ के कवीन्द्र सिंह बिष्ट से सिल्वर मेडल जीता
एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप के फाइनल मुकाबले में कवीन्द्र सिंह बिष्ट ने 56 किलो भारवर्ग में सिल्वर मैडल जीता. बीस वर्ष के कवीन्द्र बिष्ट का फाइनल मुकाबला उज्बेकिस्तान के बाक्सर मिर्जा से हुआ.... Read more


























