7 जून 1975. इंग्लैण्ड के एजबेस्टन में में हो रहे पहले क्रिकेट विश्व कप में खेल रही सबसे कम अनुभवी ईस्ट अफ्रीका की टीम का सामना बहुत दोयम दर्जे की मानी जाने वाली न्यूजीलैंड की टीम से लीग मैच... Read more
बैठी हूँ कब हो सवेरा रुला के गया सपना मेरा
रुला के गया सपना मेरा बैठी हूँ कब हो सवेरा वही है गमे दिल वही है चंदा तारे वही हम बेसहारे आधी रात वहीं है और हर बात वही है फिर भी ना आया लुटेरा… कैसी ये जिंदगी साँसों से हम ऊबे के दिल... Read more
पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट कस्बे से पांच किमी की दूरी पर स्थित है तालेश्वर धाम. तालेश्वर धाम झूलाघाट से जौलजीबी को जाने वाले पैदल रास्ते पर नेपाल से आने वाली चमलिया और काली नदी के संगम पर स्थि... Read more
महादेवी वर्मा हिन्दी साहित्य के महत्वपूर्ण छायावादी आन्दोलन के चार बड़े नामों में से एक थीं. इस समूह में उनके अलावा जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पन्त और महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ थे... Read more
सुनील दत्त नैनीताल में
सुनील दत्त (6 जून 1929-25 मई 2005) हिंदी सिनेमा के रुपहले पर्दे पर सुनील दत्त के नाम से पहचाने जाने वाले बलराज दत्त 1963 में बनी हिंदी फिल्म गुमराह की शूटिंग के सिलसिले में नैनीताल आये थे. ग... Read more
एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट जिन्हें दुनिया जिम कॉर्बेट के नाम से जानती है, का जन्म 25 जुलाई 1875 को नैनीताल में हुआ. जिम, क्रिस्टोफर व मेरी जेन कॉर्बेट की आठवीं संतान थे. जिम का बचपन नैनीताल में बी... Read more
विश्व कप क्रिकेट शुरू होने में बमुश्किल एक सप्ताह बचा है. आज से हम आपके लिए क्रिकेट के इस सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को लेकर चुनिन्दा लेखों को क्रमवार प्रस्तुत करने जा रहे हैं. साठ ओवर तक... Read more
परियों के ठहरने की जगह हुई नंदा कुंड
हिमालय की मेरी पहली यात्रा – 4 (पिछली कड़ियां : हिमालय की मेरी पहली यात्रा – 1 बागेश्वर से लीती और लीती से घुघुतीघोल हिमालय की मेरी पहली यात्रा – 2 गोगिना से आगे रामगंगा नदी को रस्सी से पार क... Read more
देख लो आज हम को जी भर के
मेलोडेलिशियस-4 (पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनें) ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं है. ये ज़ेहन की आवाज़ है. काउंट डाउन नहीं है ये कोई. हारमोनियम की ‘कीज़’ की तरह कुछ गाने काले-सफेद... Read more
हल. भारतीय पारम्परिक कृषि का एक अति महत्त्वपूर्ण उपकरण. हल शब्द सुनते ही दिमाग में जो अर्थ आता है वह समाधान ही रहता है. लेकिन एक समय वह भी था जब हल सुनते ही किताबों में मिलने वाला ह से हल का... Read more


























