अल्मोड़ा शहर की सरहद कर्बला से शुरू होती है कर्बला एक तिराहा है, जहां कुछ दुकानें हैं,वहीं कहीं एक जगह कैरम बोर्ड पर दोपहर बाद से हाथ आजमाते युवा है, जो शाम होते-होते कथित जोश से लबरेज हो जा... Read more
जुलाई 2017 में GST लागू हुआ, उस महीने के अंतिम हफ्ते में रुद्रपुर के एक होटल में लगभग 250 व्यापारी और उद्योगकर्मियों को तत्कालीन वित्तमंत्री प्रकाश पन्त GST के बारे में समझा रहे थे. लगभग 1 घ... Read more
उत्तराखण्ड की अध्यात्मिक आस्था एवं विश्वासों में से एक है उच्यौन, उचान, उच्याणा, उच्याणी. जब कोई व्यक्ति अस्वस्थ हो जाता है और किसी भी इलाज से उसे कोई फायदा नहीं होता तब उसे स्थानीय भूत-प्रे... Read more
चंद शासकों ने अपनी खस प्रजा को नियंत्रित करने हेतु हिमांचल से योद्धा बुलाये थे. हिमांचल से बुलाये इन योद्धाओं को चंद शासकों ने अपनी सेना में सैनिक और ऊंचे पदों पर रखा. कुमाऊं में कांगड़ा और अ... Read more
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत का लम्बी बीमारी के बाद आज शाम अमेरिका में निधन हो गया. दिल्ली के बाद फिलहाल उनका अमेरिका में इलाज चल रहा था. वे उत्तराखंड की राजनीति में कद्दावार नेता मा... Read more
उत्तराखंड के प्रमुख वन आंदोलन
उत्तराखंड में वन आन्दोलन का एक लंबा इतिहास रहा है. अलग-अलग समय पर यहां के लोगों ने अपने वन अधिकारों के लिये लड़ाई लड़ी है. जानिये उत्तराखंड में हुए कुछ प्रमुख वन आंदोलन : रंवाई आंदोलन मई 1930... Read more
उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाके को ध्यान से देखा जाय तो मालूम पड़ता है कि मनुष्य और प्रकृति के सम्बन्ध पिछले करीब दो सौ बरसों में बहुत बिगड़े हैं और इन्हें बिगाड़ने का काम केवल मनुष्य ने किया है. (Ut... Read more
ईवीएस… ईवीएस होता है, इसमें हम ईवीएस पढ़ते हैं
हाल ही में एक सज्जन के घर खाने पर उनके पुत्र से मुलाक़ात हुई. एक आम भारतीय की तरह मेहमान देखते ही ख़ुद मदारी बन बच्चे से मानसिक गुलाटी करवाने का दौर शुरू हुआ. इस दौरान बच्चे के हमेशा 100 में 1... Read more
देखिये कैसे उत्तराखंड के लोगों के वैवाहिक जीवन का हिस्सा बना मैती आंदोलन
उत्तराखंड में पर्यावरण से लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने वाले एक आंदोलन का नाम है मैती आंदोलन. मैती आंदोलन Maiti Movement नाम से बने अपने फेसबुक पेज पर आन्दोलन के संबंध में लिखा गया है कि स... Read more
अपनी आमा की बहुत याद आती है मुझे
बात सन् 1982 के शुरुआती दिनों की है जब आमा लोहे के सन्दूक में पूरा पहाड़ समेटकर वाया बरेली यहाँ आयी थी. साल – डेढ़ साल ही रही होंगी बरेली में ! वर्ष 1970 से पूर्व दो – तीन बार गर्... Read more


























