भारतीय राजनीति में हेमवंती नंदन बहुगुणा को चाणक्य का दर्जा दिया जाता है. उन्हें दूरदर्शी, जनप्रिय नेता माना जाता है. उनके राजनीतिक विवेक के कायल विरोधी तक हुआ करते थे. वे आजादी के आन्दोलन की... Read more
अपने कैमरे से जादू करते हैं अमित साह
नैनीताल में रहने वाले युवा फोटोग्राफर अमित साह की अप्रतिम फोटोग्राफ्स पर हम कई बार लिख चुके हैं और उनके काम की अनेक शानदार बानगियाँ आपको समय-समय पर दिखाते रहे हैं. (Camera Magic Amit Sah Nai... Read more
आल्मोड़े में कुमाऊं मंडल विकास निगम के हाॅलिडे होम के ऊपर बसे काॅटेज वाले इलाके में दोपहर को एक गहरा सन्नाटा पसरा होता. घरों के सारे काम निपटाने के बाद सुस्ताती औरतों के साथ साथ आसपास के देवद... Read more
जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम, वो फिर नहीं आते… इस गीत को सुनकर संवेदी श्रोता अनायास ही एक खास किस्म के जीवन-दर्शन के बारे में सोचने पर विवश हो जाता है. वह कई बातों पर एक सिर... Read more
औन हरू हरपट, जौन हरू खड़पट कुमाऊं में प्रचलित इस लोकोक्ति का अर्थ है हरू, आये हरियाली लाये, हरू जाये सब कुछ नष्ट हो जाये. हरू के साथ हमेशा सैम देवता के भी मंदिर होते हैं. हरू और सैम दोनों भाई... Read more
उत्तराखंड का तामता (टम्टा) समुदाय उत्तराखंड का प्राचीन ऐतिहासिक नगर अल्मोड़ा कला व संस्कृति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है. इस नगर की पहचान बुद्धिजीवियों के नगर के रूप में की जाती है.... Read more
उत्तरकाशी ऋषिकेश, केदारनाथ मार्ग पर 29 किमी की दूरी पर एक गाँव है चौरंगीखाल. चौरंगीखाल मामूली बसावट वाला गाँव है, लेकिन यह गंगोत्री से लौटकर केदारनाथ या ऋषिकेश आने-जाने वाले यात्रियों का मुख... Read more
पहाड़ के मडुवे-दालों को देश भर के बाजारों में पहुंचाया है हल्द्वानी की किरण जोशी ने
सरस मार्केट हल्द्वानी में आइये हल्द्वानी की नैनीताल रोड पर कालू सैयद चौराहे से दस कदम आगे बढ़ते ही बायें हाथ पर है सरस मार्केट. इसी मार्केट के बायें हाथ वाले दरवाजे से अंदर घुसकर एक हिमान्या... Read more
जीवन अपने आप में एक दुर्घटना है : त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा का अंतिम हिस्सा
(पिछली कड़ी: ब्रिटिश एयरफोर्स से जंगलात की नौकरी तक का सफ़र : त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा का तीसरा हिस्सा) सब कुछ ठीक चल रहा था. 1962 के शरद में चीनियों ने हमारी सरहद पार कर कश्मीर और अरुणां... Read more
चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं
(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस-8 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं है. ये ज़ेहन की आवाज़ है. काउंट डाउन नहीं है ये कोई. हारमोनियम की ‘कीज़... Read more


























