ज्यादा पैसे कैसे कमाएं
आज हम फाइनेंशल ग्रोथ की बात करेंगे, पैसे की बात करेंगे कि कैसे पैसा कमाया जाए और ढेर सारा कमाया जाए. लेकिन पहले मैं एक शेर आप लोगों की नजर कर रहा हूं – अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया/ अब... Read more
स्वयं प्रकाश की कहानी: बलि
घनी हरियाली थी, जहां उसके बचपन का गाँव था. साल, शीशम, आम, कटहल और महुए के पेड़. ये बड़े-बड़े पेड. पेड़ के नीचे खड़े होकर एकदम ऊपर देखो तो सूरज न दिखाई दे. चारों तरफ़ धान के खेत, छोटे-बड़े पो... Read more
–रामचन्द्र नौटियाल अंग्रेजों के रंवाईं परगने को अपने अधीन रखने की साजिश के चलते राजा नेे मन मसोसकर टिहरी को बनाया ठिकाना गोरखों के आतंक से गढ़वाल राज्य को राहत दिलाने के बाद अंग्रेजों... Read more
उत्तराखण्ड : धधकते जंगल, सुलगते सवाल
-अशोक पाण्डे पहाड़ों में आग धधकी हुई है. अकेले कुमाऊँ में पांच सौ से अधिक जगहों पर दावानल का कहर बरपा है. पांच लोग जल कर मर चुके हैं और तमाम जगहों से आग के विकराल स्वरूप के डरावने वीडियो साम... Read more
अब्बू खाँ की बकरी : डॉ. जाकिर हुसैन
हिमालय पहाड़ पर अल्मोड़ा नाम की एक बस्ती है. उसमें एक बड़े मियाँ रहते थे. उनका नाम था अब्बू खाँ. उन्हें बकरियाँ पालने का बड़ा शौक था. बस एक दो बकरियाँ रखते, दिन भर उन्हें चराते फिरते और शाम... Read more
नीचे के कपड़े : अमृता प्रीतम
जिसके मन की पीड़ा को लेकर मैंने कहानी लिखी थी ‘नीचे के कपड़े’ उसका नाम भूल गई हूं. कहानी में सही नाम लिखना नहीं था, और उससे एक बार ही मुलाक़ात हुई थी, इसलिए नाम भी याद से उतर गया है… (... Read more
रबिंद्रनाथ टैगोर की कहानी: तोता
एक था तोता. वह बड़ा मूर्ख था. गाता तो था, पर शास्त्र नहीं पढ़ता था. उछलता था, फुदकता था, उड़ता था, पर यह नहीं जानता था कि क़ायदा-क़ानून किसे कहते हैं. (Rabindranath Tagores Story Tota) राजा... Read more
यम और नचिकेता की कथा
ये कहानी है कठोपनिषद की ! इसके अनुसार ऋषि वाज्श्र्वा, जो कि परम ज्ञानी थे, ने विश्वजीत यज्ञ किया. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस यज्ञ के पूर्ण हो जाने पर, जीवन में किसी तरह का दुःख या विषाद... Read more
अप्रैल 2024 की चोपता-तुंगनाथ यात्रा के संस्मरण
-कमल कुमार जोशी समुद्र-सतह से 12,073 फुट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ को संसार में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर बताया जाता है. चोपता अत्यधिक घने जंगलों, मखमली घास के बुग्यालों और हिमालय की... Read more
1980 के दशक में पिथौरागढ़ महाविद्यालय के जूलॉजी विभाग में प्रवक्ता रहे पूरन चंद्र जोशी. लम्बे कद के शांत मृदुभाषी, होठों पर सहज मुस्कान, दिखाई भी कम ही देते या तो क्लास में होते और या फिर प्... Read more


























