उद्यानिकी के क्षेत्र में ग्राफ्टिंग टैक्नीक (कलम बन्दी विधि) कोई नया प्रयोग नहीं है, वर्षों से उद्यानों में इस विधि से उन्नत किस्मों के पौधों की ग्राफ्टिंग कर फलों की गुणवत्ता में सुधार वर्ष... Read more
मिलम ग्लेशियर का वह सफ़र जो आखिरी हो सकता था
मिलम, कहते हैं किसी समय अल्मोड़ा जिले के सबसे बड़े गांवों में एक गिना जाता था. यह इतना बड़ा था कि यहाँ के बारे में एक किस्सा ही चल पड़ा. जब कोई नई दुल्हन ब्याह कर यहाँ आती थी तो जब सुबह पानी... Read more
मेरे दादाजी बलशाली व्यक्ति रहे होंगे. हम छुट्टियों में गाँव जाते थे. दादाजी रात को किस्से सुनाते. हर पिछली शाम को घर लौटते समय उनका सामना गाँव की सरहद पर स्थित गुजरौ गधेरे में स्थाई रूप से र... Read more
कुछ घंटों पहले सोशियल मीडिया में उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मृत्यु की अफवाह फैलने से में सनसनी फ़ैल गयी. अचानक एक फेसबुक पोस्ट जिसमें लिखा गया था कि बहुत दुःखद घटना अभी अ... Read more
अगर कोई मुझे पूछे कि बच्चों के गीतों और प्रौढ़ों की कविताओं में क्या अंतर होता है तो मैं कहूंगा, वही जो किसी पहाड़ी स्रोत के जल और आर.ओ. के पानी में होता है. पहले पे कोई ठप्पा नहीं पर अपरिमि... Read more
इतिहास में याद रखी जाएँगी चार मई की शराब की कतारें
भारत के इतिहास में चार मई को ऐतिहासिक दिन के रूप में शामिल किया जाएगा. करना भी चाहिए. ऐसा इसलिए कि इतनी संख्या में शराब लेने के लिए भीड़ पहले कभी नहीं उमड़ी रही होगी. मेरे जीवनकाल में तो कभी... Read more
उत्तराखंड में शराब की बिक्री के चौंकाने वाले आंकड़े
कल देश के कई हिस्सों में शराब की दुकानें खुलने के बाद सड़कों पर खूब भीड़ देखी गयी. उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी जैसी जगहों पर भीड़ अनियंत्रित भी हो गयी. शराब की दुकान खुलने के दुसरे दिन भ... Read more
कोरना संक्रमण के शुरुआती समय में यह माना गया कि यह वायरस सांपों से इंसान तक पहुंचा है. साथ ही साथ चमगादड़ और फिर पैंगोलिन को भी इस कड़ी का हिस्सा माना गया. बहरहाल, यहां पर इस लेख का उद्देश्य... Read more
कलर्स चैनल के धारावाहिक बालिका वधू में सांची का लोकप्रिय किरदार निभाने वाली रूप दुर्गापाल अपनी मातृभूमि उत्तराखण्ड से अपने प्रेम और लगाव को अक्सर जाहिर करती रही हैं. इसी सिलसिले को आगे बढ़ात... Read more
बर्फ से ढकी सात पहाड़ियों के बीच हेमकुंड झील
सिखों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह ने विचित्र नाटक के छठे भाग में लोकपाल-दंड पुष्करणी के बारे में लिखा –हेमकुंड पर्वत है जहां, सप्तश्रृंग सोहत है वहांतहां हम अधिक तपस्या साधी... Read more


























