हरकुवा गांठी के किस्से
हरक सिंह पुराने बॉडी बिल्डर थे. जन्मजात गुस्सैल थे. बात-बात पर हाथ छोड़ देना उन्हें अच्छा लगता था. दुनिया में कहीं भी, किसी भी समय सार्वजनिक गाली-गुप्ता हो रहा हो या छोटी-बड़ी फौजदारी चल रही... Read more
एक सरकारी स्कूल की सच्ची कहानी जिसकी दीवारों पर बच्चों ने अपने सपने रंगे हैं
एक स्कूल हो ऐसा जिसका हर कोना इतना सुंदर हो कि उससे बाहर जाने का मन ही न हो. ये सपना हर अभिभावक का होता है. इसके लिए वो अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा लगाने के लिए भी तैयार रहता है. फिर भी ऐसे स्क... Read more
हर गांव में एक न एक मोहन दा जरूर होता है
मैंने मोहनदा को होश सँभालने के साथ-साथ देखा था. जैसे गाँव के अन्य दूसरे लोगों को देखा जाता है, पहचाना जाता है. बचपन में उनके प्रति मन में एक विचित्र भय-मिश्रित स्नेह रहा था. ऐसी भावना शायद औ... Read more
इंद्रसभा के आमंत्रण षड्यंत्र होते हैं
“अरी ऐरी आली!”(Satire by Priy Abhishek 2021) “हाँ सखी!” “आली, पूछ न क्या गजब हुआ उस दिन!” “क्या हुआ सखी, बता तो ज़रा?” “अरी इंद्रसभा का आमंत्रण था…” “हाय दैया, इंद्रसभा का?” “हाँ आली,... Read more
घाम पानी: बिना कमला-बिमला के एक कुमाऊनी प्रेम गीत
चांदनी एंटरप्राइजेज के यूट्यूब चैनल पर मुनस्यारी के लवराज टोलिया का लिखा घाम-पानी गाना रिलीज हो चुका है. घाम-पानी एक प्रेम गीत है. जिसमें एक छोटी सी पर पहाड़ में अक्सर घटने वाली एक प्रे... Read more
ये हैं नए साल की सदाबहार प्रतिज्ञाएं
नया वर्ष सिर पर है. आप नव वर्ष की प्रतिज्ञाएं लेने का मन बना ही चुके होंगे. इस बात का खयाल आते ही मुझे लगा कि क्यों न मैं आपकी कुछ मदद करूं और आपको कुछ ऐसी प्रतिज्ञाएं बताऊं, जो मैंने इधर खु... Read more
1780 का साल रहा होगा. गढ़वाल और कुमाऊं दोनों जगह राजगद्दी को लेकर आंतरिक संघर्ष जारी था. कुमाऊं में ललितशाह अपनी दुसरी पत्नी के बड़े बेटे प्रदुम्नशाह को शासक नियुक्त कर चुके थे. ललितशाह की म... Read more
उत्तराखंड के अतीत, वर्तमान से जुड़ी गौरव गाथाएं उत्तराखण्ड की नई पीढ़ी तक पहुंचाना बहुत जरुरी है. उन्हें उनके पूर्वजों द्वारा मातृभूमि की खातिर दी गयी बेमिसाल कुर्बानियों से परिचित कराना अत्... Read more
हेमंत ऋतु में पहाड़
चातुर्मास से आरम्भ खेती के काम रवि की फसल बो लेने के बाद ढीले पड़ जाने वाले हुए. चातुर मास खत्म होने पर ‘मेफाड़ा’ त्यार मनता जो यह संकेत देता कि अनाज की खेती बाड़ी के काम बहुत क... Read more
उत्तराखण्ड की लुप्त होती पारंपरिक लोककलाओं के दौर में ही ऐपण के अच्छे दिन चल रहे हैं. कुमाऊं की चित्रकला ऐपण के गांवों से शहरों, कस्बों और महानगरों तक पैर पसारने का सिलसिला चल निकला है. हेमल... Read more


























