रोज की तरह, सात साल का गुट्टू मुन्ना अपनी हमउम्र पड़ोसिन चुनमुन के पास खेलने पहुँचा. चुनमुन उसे अपने मकान के दालान में खड़ी मिली. वह बड़े चाव से कुटुर-कुटुर शक्करपारे खा रही थी. गुट्टू मुन्न... Read more
ठेठ गढ़वाल के जीवन से जुड़ी चीज़ों को समझने के लिए एक तरह का रोचक शब्दकोश है ‘काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि’
बचपन में नए साल के ग्रीटिंग कार्ड बनाने के दौरान एक युक्ति सीखी थी. रंग में डुबाया हुआ धागा लेकर (रंग के नाम पर अमूमन हमारे पास स्याही ही होती) सादे कागज़ पर हौले से अगड़म-बगड़म आकार में रख... Read more
हम जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं
हम जीवन में वही बनते हैं, जो अपने बारे में सोचते हैं. हमारी जीवन में वैसी ही घटनाएं घटती हैं, जैसी घटनाओं के बारे में हम सोचते हैं. हम जैसे बनते जाते हैं, वैसे ही लोग भी हमसे जुड़ते जाते हैं... Read more
बचपन से भवाली के ताजमहल के नाम से जाने जाने वाली राजपुताना राजघराने की एक धारोहर के बारे में जानने की मेरी हार्दिक इच्छा रही है. दोस्तों के साथ खाली समय में शाम के वक्त वहाँ जाना और उसके मध्... Read more
दुर्गा भवन स्मृतियों से
जब हम किसी से दूर हों रहे होते हैं, तब हम उसकी कीमत समझने लगते हैं. कुछ ऐसा ही हो रहा है आज भी. कुछ ही पलों के बाद हम हमेशा के लिए यहां से दूर हो जाएंगे. फिर शायद कभी नहीं मिल पाएंगे इस जगह... Read more
पिता ने पुत्र की नियति का निर्धारण करते हुए उसको पैतृक पंडिताई की जागीर सौंप दी थी. पिछली सदी के पूर्वार्द्ध में सामान्यतया इस जागीर को हासिल करने वाला भी भाग्यशाली ही माना जाता था. कारण, उद... Read more
ललित मोहन रयाल ने हिंदी साहित्यिक जगत में अपनी पूर्व प्रकाशित दो पुस्तकों ‘खड़कमाफी की स्मृतियों से’ तथा ‘अथ श्री प्रयागकथा’ के द्वारा एक अद्वितीय स्थान बना लिया है.... Read more
सुनहरे गणतंत्र में उत्तराखंड के लोग
हमसे तो कभी गणतंत्र भी साफ़ साफ़ न कहा गया. हमारे लिये हमेशा आज का दिन 26 जनवरी हुआ. स्कूल में भी 26 जनवरी को छुट्टी ही रही. कभी बढ़िया मासाप रहे तो उन्होंने झंडा फरहाने का काम कर दिया तब शा... Read more
अल्मोड़े के अष्टावक्र हरीश चंद्र जोशी
उन्हें पहाड़ बहुत प्यारे थे. अल्मोड़े में तो उनकी जान बसती थी. यहीं अल्मोड़ा रह उन्होंने पहाड़ की सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने का बीड़ा उठाया.बिना शोरगुल शांत मन से. संपर्कों के सूत्र बड़... Read more
पेट को फ्लैट और फौलादी बनाने के तरीके
पिछले सप्ताह हमने पांच आसन जाने थे जिनका नियमित अभ्यास हमारे पेटा को फ्लैट और फौलादा बना सकता है. उसी क्रम में आज हम अगले पांच आसन के बारे में जानेंगे. पहले पांच आसनों की तुलना में ये थोड़े... Read more


























