कुमाऊंनी लोकसाहित्य में अनेकानेक पक्षियों का उल्लेख है. मोनाल, तीतरी, शुक, कव्वा, गौतेली, कफुआ, हुट-हुटिया आदि. लेकिन घुघुत का उल्लेख कुमाऊंनी लोकसाहित्य में खुल कर हुआ है. एक लोकगीत में घुघ... Read more
भगवत गीता के श्लोकों का कुमाऊंनी अनुवाद
भगवत गीता के श्लोकों का यह अनुवाद चारुचन्द्र पांडे द्वारा किया गया है. काफल ट्री में यह अनुवाद पुरवासी पत्रिका के 14वें अंक से साभार लिया गया है. (Kumaoni Translation of Bhagavad Gita) भौते... Read more
बर्फबारी के मौसम में शिव मंदिर तुंगनाथ की तस्वीरें
विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का मंदिर है तुंगनाथ में. रुद्रप्रयाग जिले में स्थित यह मंदिर समुद्र तल से 3680 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है. यह मंदिर पंचकेदारों में एक है. पंचकेदारों मे... Read more
आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और कुमाऊं और गढ़वाल की पहाड़ियों में बीती रात बर्फबारी हो ही गयी. इस साल अब तक बर्फबारी न होने की वजह से जहां एक ओर पर्यावरणविद चिंतित थे दूसरी ओर पर्यटक भी खासे मायूस... Read more
बहुधा ऐसा होता है आप जहाँ निवास या नौकरी कर रहे होते हैं, उस स्थान की विशिष्टता से प्राय: उदासीन रहते हैं, परंतु बात जब जिम कॉर्बेट के परिक्षेत्र में रहते हुए वाइल्ड एडवेंचर के हाथ लगे अवसर... Read more
उत्तराखंड में ऐसे पुल भी होते थे
एटकिन्सन ने अपनी किताब हिमालयन गजेटियर में उत्तराखंड में परिवहन व्यवस्था पर विस्तार से लिखा है. यहां नदियों पर पाये जाने वाले पुलों के संबंध में एटकिन्सन ने दूसरे कमिश्नर ट्रेल के हवाले से ल... Read more
कुमाऊंनी लोक साहित्य में नारी का विरह
सामान्य जनों या आशुकवियों द्वारा मौखिक परम्परा के रुप में अभिव्यक्त साहित्य लोक साहित्य कहलाया. परिवेश के अनुसार उसकी अभिव्यक्ति विरह और मिलन दोनों रुपों में हुई है. नारी यों तो सृष्टि की वह... Read more
देशभक्त मोहन जोशी: स्वतंत्रता सेनानी जो अंग्रेजों की मशीनगन के सामने भी नहीं झुके
कुमाऊं के स्वतन्त्रता संग्राम में मोहन जोशी एक ऐसा नाम रहा है जिसने बतौर संग्रामी के ही नहीं, अपितु यशस्वी संपादक के रुप में अपना विशिष्ट स्थान बनाया. मोहन जोशी ऐसे यशस्वी संग्रामी रहे जिनकी... Read more
वापसी: एक पहाड़ी ब्वारी की व्यथा
“बिना पूजा के बात नहीं बनेगी, भाई. बिलकुल नहीं बनेगी.” दीपक अपनी माँ की ओर देखते हुए सुभाष से बोला. (Wapsi Story by Yugal Joshi) सुभाष ने हैरान होकर उसकी ओर देखा. पूजा से उसका क्या मतलब... Read more
शहीद दिवस से नाथूराम स्मरण दिवस तक की यात्रा
“हर बार मुख्य अतिथि बनने वाले मुख्य अतिथि महोदय, अध्यक्षता के लिए मरे जा रहे अध्यक्ष जी, उपस्थित सखाओं और सखियों! आज तीस जनवरी है. आज का दिन हम नाथूराम स्मरण दिवस के रूप में मनाते हैं. बहुत... Read more


























