गाली में भी वात्सल्य छलकता है कुमाउनी लोकजीवन में
किसी भी सभ्य समाज में गाली एक कुत्सित व निदंनीय व्यवहार का ही परिचायक है, जिसकी उपज क्रोधजन्य है और परिणति अपने मनोभावों से दूसरों के दिल को चुभने वाले शब्द कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना... Read more
त्रिशूल का पिशाच : जिम कॉर्बेट
हिमालय के ऊपरी इलाकों में कभी भी न रहे लोगों के लिए यह कल्पना भी कर पाना मुश्किल है कि वहां दूर-दूर बसी छोटी बसासतों में रहने वाले लोग किस तरह अंधविश्वास के घुटन भरे माहौल में रहते हैं. ऊंचे... Read more
आजादी के लिए टिहरी रियासत का संघर्ष
टिहरी राजा के राज में ब्रिटिश हुक्मरान गवर्नर हेली ने एक अस्पताल बनाना चाहा. यह अस्पताल नरेंद्र नगर में बनना था. इसकी नींव रखे जाने के सारे प्रबंध टिहरी के राजा ने कर दिए. रियासत में मुनादी... Read more
बच्चों की प्रतिभा बाल्यकाल में ही पहचान ली जाए तो उसे उचित प्रशिक्षण देकर तराशना आसान हो जाता है. बहुत सारे बच्चे जन्मजात प्रतिभासम्पन्न होते हैं. अधिकतर, अपेक्षित प्रशिक्षण और मंच के अभाव स... Read more
अलकनंदा के तट पर बसा बद्रीनाथ धाम अत्यंत लोकप्रिय है. उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. सातवीं से नवीं सदी के बीच बना यह मंदिर चार धामों में शामिल है. बद... Read more
पतंजलि गुरुकुल पर 4 अबोध बच्चों को बंधक बनाने का आरोप, शासन-प्रशासन की पहल से हुए रिहा
एलोपेथिक चिकित्सा पद्धति और कोरोना वॉरियर्स डाक्टरों के खिलाफ गैरजिम्मेदाराना बयान देने की वजह से चर्चित रामदेव के साथ एक नया विवाद जुड़ गया है. रामदेव के शिक्षण संस्थान गुरुकुलम पर 4 अबोध ब... Read more
आसन नदी और उससे जुड़ी पौराणिक मान्यतायें
देहरादून में शिवालिक पहाड़ी की उत्तरी ढलान पर क्लेमेन्टाउन से पश्चिम दिशा में एक गांव है जिसका नाम चन्द्रबनी है. चन्द्रबनी एक ऐसा प्राचीन स्थान है जिसका जिक्र पौराणिक कहानी कथाओं में मिल जात... Read more
उत्तराखंड में स्थित नारद मुनि की तपस्थली
बद्रीनाथ धाम के पास स्थित नारद कुंड से अधिकाँश लोग परिचित हैं. बद्रीनाथ यात्रा के दौरान इस कुंड के विषय में माना जाता है कि इसमें स्नान करने से पुण्य प्राप्ति होती है. यह भी माना जाता है कि... Read more
रूस दौरे से लौटने पर नेहरू में क्यों जगी ‘कण्वाश्रम’ को जानने की जिज्ञासा
अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी मिलने के बाद वर्ष 1955 में रूस दौरे पर गए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जब रूस में महर्षि कण्व ऋषि की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भर... Read more
दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुए डेढ़ दशक हुए थे और दुनिया साम्राज्यवाद के नरम संस्करणों में शांति और समृद्धि के नए रास्ते तलाश रही थी. युद्ध की विभीषिका के बाद विज्ञान से बेहतर कल की अपेक्षाएं... Read more


























