आध मुन्स्यार+आध चिकसैरेदा = पुर संसार
आज समझ में आ रहा है कि आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने इतिहास को विधाता क्यों कहा होगा? हमारा यह विधाता क्या हमारी तरह का देहधारी है या अपरिभाषेय शक्ति-पुंज, जिसे रच लेने के बाद समझ पाना शायद... Read more
प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया की पहली पुण्यतिथि है आज
पिछले वर्ष आज ही के दिन हिमालय पुत्र प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया निधन हुआ था. प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया का जाना उत्तराखंड के लिये एक अभिभावक के जाने के समान था. आधिकारिक कागजों में उनका जन्मदिन 20... Read more
पारम्परिक दाल-भात बनाने का तरीका
आज मैं आपको पहाड़ के खानपान के बारे में बताता हूं. पहले मैं आपको यह बताता चलूं कि मैं पहाड़ी खानपान का कोई एक्सपर्ट नहीं हूं बस बड़े बुजुर्गों को खाना बनाते देखा या उनकी कही बातें सुनी या कि... Read more
कोट: उत्तराखंड में राजा महाराजाओं के प्राचीन किले
उत्तराखंड के कुमाऊं, गढ़वाल में बहुत से गाँव और ऐसी जगहें हैं जिनके पीछे “कोट” शब्द आता है. जिन गाँव के नाम के पीछे “कोट” शब्द जुड़ा है वे लगभग सभी ऊँचाई पर स्थित हैं. जहाँ से बहुत दूर-दूर त... Read more
उत्तराखंड राज्य का निर्माण के साथ पर्यटन नाम का एक ढोल इसके साथ जुड़ गया. 21 सालों से इस ढोल को पीटा जा रहा है यह तो इस राज्य को नेमत में मिली खूबसूरती है जो पर्यटन का यह ढोल हर खोल में दमदा... Read more
क्या आप में हैं हेल्दी होने के ये 8 लक्षण
कोरोना महामारी के दौर में सबकी जुबान पर एक शब्द खूब चढ़ा- इम्युनिटि. लगभग एक फैशन की तरह सबने कहा कि कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर तरीका है कि हम अपनी इम्युनिटि बढ़ाएं. इम्युनिटि यानी प्रतिर... Read more
कहानी : नदी की उँगलियों के निशान
नदी की उंगलियों के निशान हमारी पीठ पर थे. हमारे पीछे दौड़ रहा मगरमच्छ जबड़ा खोले निगलने को आतुर! बेतहाशा दौड़ रही पृथ्वी के ओर-छोर हम दो छोटी लड़कियाँ. मौत के कितने चेहरे होते हैं अनुभव किया... Read more
चटोरी न्यूज़ पर आज का विषय है- चटोराबाद में चाट की गिरती गुणवत्ता, जिम्मेदार कौन?
चटोरी न्यूज़ पर आज सभी पार्टियों की महिला नेता उपस्थित थीं. बहस राजनैतिक थी और सार्वजनिक भी. न्यूज़ चैनल की बहस थी, इसलिये सभी महिलाएँ अपने कैनाइन दांत और नाखून तेज करके आईं थी.(Satire by Pr... Read more
कहानी : ‘वह भूखी और गन्दी लड़की’
पहली नजर में मैंने उसे पहचाना ही नहीं, पहचानती भी कैसे उसकी तब्दीली की तो सपने में भी कल्पना नहीं कर सकती थी मैं, वैसे भी कल्पना करने की जरूरत ही नहीं थी. उसे तो तभी मैं अपनी स्मृति की कन्दर... Read more
बोर्निओ के नरमुंड शिकारी
वह प्रकृति के बीच रहते हैं. जल और जंगल की ये जमीन ही उनकी पालनहार है. इसके हर पत्ते, हर शाख, पहाड़ी गुफा के हर आसरे, दरारों से रिसते पानी, कल कल बहते धारे, तीव्र गतिमान भंवर में गोल गोल घूमत... Read more


























