‘वेश्या की लड़की’ सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी
छाया, प्रमोद की सहपाठिनी थी. प्रमोद, नगर के एक प्रतिष्ठित और कुलीन ब्राह्मण परिवार का लड़का था. और छाया? छाया थी नगर की एक प्रसिद्ध नर्तकी की इकलौती बेटी. नगर में एक बहुत बड़ा राधाकृष्ण का म... Read more
मुक्तेश्वर : मलबे से पांच मजदूरे के शव निकाले गए
दो दिनों से जारी बारिश के बीच अब तक की सबसे बुरी और दिल देहला देने वाली खबर नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर से है. आज प्रशासन को प्रातः 6.20 पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चौखुटा तोक दोसापानी, निक... Read more
दो दिन की बरसात नहीं झेल पाया गौला पुल: वीडियो
उत्तराखंड में हो रही अतिवृष्टि के कारण हल्दानी में गौला नदी पर बने पुल एक तरफ का हिस्सा भरभरा का कर टूट गया. मौके पर मौजूद बनभूलपुरा पुलिस के अनुसार मंगलवार तड़के पुल के समीप जवान ड्यूटी पर... Read more
उत्तराखण्ड की लोककथा : ब्रह्मकमल
बहुत समय पहले की बात है. कहते हैं कि उस समय परी लोक की परियाँ धरती पर आती थीं. यहाँ दिनभर विचरण करती थीं और रात का अँधेरा होने के पहले वापस चली जाती थीं. परियों को धरती की स्वच्छ-साफ पानी की... Read more
बिच्छू घास की पत्तियों को 5000 से 9000 रुपये तक की रकम चुकाकर क्यों खरीदते हैं लोग
पहाड़ों में सिन्ना या बिच्छू घास हिकारत की नजर से ही देखा गया या उससे डरकर दूरी ही बनाई गयी. बीसवीं सदी में पहाड़ी क्षेत्रों में जन्में कम ही ऐसे लोग होंगे जिनको रूह कपा देने वाले बिच्छू घास... Read more
आज जयानंद भारती का जन्मदिन है
स्वाधीनता संग्रामी, डोला-पालकी और आर्यसमाज आन्दोलन के अग्रणी ‘जयानंद भारती’ का जन्म ग्राम- अरकंडाई, पट्टी- साबली (बीरोंखाल), पौड़ी (गढ़वाल) में 17 अक्टूबर, 1881 में हुआ था. पिता छविलाल और मा... Read more
कौवों और उल्लुओं की लड़ाई: एक कहानी पंचतंत्र से
दक्षिण देश में महिलारोप्य नाम का एक नगर था. नगर के पास एक बड़ा पीपल का पेड़ था. उसके घने पत्तों से ढकी शाखाओं पर पक्षियों के घोंसले बने हुए थे. उन्हीं में से कुछ घोंसलों में कौवों के बहुत से... Read more
यह हिमालयी राज्यों का दुर्भाग्य रहा है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनके योगदान को उचित स्थान नहीं दिया गया है. 11 राज्यों में फैले इस विस्तृत भू-भाग के लोगों का भारत के स्वतंत... Read more
हमारे पहाड़ की एक चीज ऐसी है जिसे पहाड़ी सस्कृति का ही एक अभिन्न अंग कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी और वो है हमारे पहाड़ के फौजी. पहाड़ का शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिससे एक फौजी न निकला... Read more
अल्मोड़ा हुक्का क्लब में रामलीला की तस्वीरें
हुक्का क्लब 1930 से प्रतिवर्ष अल्मोड़ा में रामलीला का आयोजन करता आ रहा है. इस विश्व प्रसिद्ध रामलीला के 2021 के आयोजन की फोटो जयमित्र सिंह बिष्ट द्वारा. (Hukka Club Ramlila Al... Read more


























