भारत के गर्म और उमस भरे मौसम के बीच नैनीताल की खोज ब्रिटेन के लोगों के लिए वरदान की तरह थी. औपनिवेशकवाद में अपनी मातृभूमि के ठंडे तापमान के लिए परेशान ब्रिटिशर्स को नैनीताल के मौसम में सुकून... Read more
जंग बहादुर: एक मेहनतकश पहाड़ी डोटियाल की कहानी
बादामी रंग के पुराने कागज के टुकड़े पर लिखी हुई रसीद उंगलियों में थामे हुए, जब मैं कुलियों के चित्रगुप्त अर्थात ठेकेदार की ओर से मुंह फेरकर बाहर बुझने से पहले जल उठने वाले दीपक-जैसी संध्या क... Read more
ताकुला की आमा का होटल और पहाड़ियों की बस यात्रा
शहरों से पहाड़ को लौटने पर हल्द्वानी से ही एक अलग उर्जा का संचार होने लगता है. लम्बे सफ़र की थकावट के बाद जब काठगोदाम पहुंचते हैं तो लगता है जैसे अपने घर की देली में पहुंच गये हों और अब बस भ... Read more
नए साल के लिए उत्तराखण्ड का अपना कैलेंडर
भांति-भांति के कैलेंडर देखकर एक उत्तराखंडी होने की वजह से हमारा भी मन करता है कि हमारा भी अपना एक कैलेंडर हो. उत्तराखण्ड की लोक, कला, संस्कृति से सजा-संवरा यह कैलेंडर हम सभी की चाहत का हिस्स... Read more
श्रीनगर (गढ़वाल) से जब आप चल रहे होंगे तो खिर्सू आने से पहले खिर्सू बैंड आपकी ओर मुखातिब होकर मन ही मन कहेगा कि थोड़ा रुक जाइए, जल्दी क्या है? खिर्सू तो आप पहुंच ही गए हैं. बस, एक लतड़ाग साम... Read more
नैनीताल अपने शुरुआती दिनों से ही अंग्रेजों की पंसदीदा जगहों में से एक रही है. नैनीताल को लेकर यहां रहने वाले अंग्रेजों ने अलग अलग समय में खूब लिखा भी है. अंग्रेजों के इन लेखों से पता चलता है... Read more
आदतें बनाएंगी तुम्हें अपने नसीब का शहंशाह
इस बात को समझिए कि अगर आप रोज एक पेज लिखेंगे, तो एक दिन आप बड़े लेखक बन जाएंगे. अगर रोज एक घंटा गाने का रियाज करेंगे, तो एक गायक बन जाएंगे. रोज एक घंटा दौड़ने का अभ्यास करेंगे, तो एक धावक बन... Read more
अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन ने बैडमिंटन विश्व फेडरेशन के प्रतिष्ठित वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट में अपना स्थान बना लिया है. दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ियों का चयन वर्ल्ड टूर टू... Read more
आज से बारह सौ साल पहले बग़दाद में जन्मे कवि इब्न अल-रूमी अपनी एक कविता में सफ़ेद आटे के गाढ़े घोल को चांदी की उपमा देते हैं जिसे गोल-गोल पका कर शहद में डुबोया जाय तो वह सोने में तब्दील हो जा... Read more
अक्सर बचपन में दादा दादी के कहानियाँ-किस्सों में सुना करते थे उनके ज़माने की कई सारी बातें. इन किस्से-कहानियों को सुन कर बड़ा आनन्द आता था. हमें लगता था जैसे सब कुछ हमारे सामने घट रहा है. दादी... Read more


























