शहादत दिवस विशेष : भगत सिंह आज़ादी के नायक हैं
भगत सिंह (28 सितम्बर 1907 से 23 मार्च 1931) मूर्तियाँ नायक नहीं गढ़तीं, नायकत्व बुतों का मोहताज नहीं होता. भगत सिंह इस बात के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं. आप एक हैट के नीचे कुछ अनगढ़ रेखाओं से रो... Read more
लोक कथा : भाई-बहन
दुर्गम और बीहड़ गांव में भाई-बहन रहा करते थे. उन दोनों का और कोई नहीं था. बस किसी तरह गुजर-बसर हो रही थी. फिर वह दिन भी आया जब बहन की शादी हो गयी. भाई अकेला रह गया तो उसकी मुश्किलें और ज्याद... Read more
उत्तराखण्ड में जिला पिथौरागढ़ के धारचूला के सीमान्त गांव खोतिला की अनिता बिटालू का चयन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के लिए हुआ है. तीन हजार कलाकारों ने इस साल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रवे... Read more
लोक कथा : धोती निचोड़ी और टपके मोती
उस वृद्ध के पास ऐसा जीवन था जिस से संतुष्ट हुआ जा सकता है. भरा पूरा परिवार— जिसमें सात पुत्र थे, सभी बाहर दूर देस में काम-काज किया करते थे. घर में सात बहुएं थीं. बूढ़ा सुबह नदी में स्नान करत... Read more
19 बरस के प्रदीप महरा का यह वीडियो वायरल हो रहा है
सड़क नोयडा की है गरीब कारोबारी आज का सौदा बेच चुके हैं इसी बीच सड़क किनारे एक लड़का पीठ पर बैग लगाये दौड़ रहा है. ऐसे दौड़ रहा है जैसे वह किसी रेस का हिस्सा हो. रात के बारह बजे पसीने से तरबत... Read more
कहानी : भिटौली यानी मां उदास है
भिटौली का महीना शुरू हो चुका था. अगल-बगल की महिलाओं की भिटौली पहुँचने लगी थी. कागज की पुड़िया में मिठाई-बतासे आने लगे थे. मुझे भी अपनी बहनों को भिटौली देने के लिए जाना था. मां ने महीना शुरू... Read more
लोक कथा : बिणिभाट और उसकी सात बहुएँ
बिणिभाट नाम के ब्राह्मण की सात बहुएं थीं लेकिन सभी निःसंतान. एक दिन बिणिभाट हाट से लौट रहा था तो देखता क्या है कि नदी का पानी काफी मैला है. यह बरसात का मौसम भी नहीं था कि ऊपर कहीं हो रही बरख... Read more
लोक कथा : जूँ हो!
नरेन और मधुली दोनों जुड़वां का आपसी स्नेह गाँव भर में चर्चा का विषय रहता. दोनों भाई-बहनों को कोई भी देखता तो एक साथ ही. दोनों साथ खेलते, खाते-पीते और नदी किनारे मौज मस्ती करते. (Folklore of... Read more
अल्मोड़ा में महिला होली के रंग : फोटो निबंध
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में इन दिनों होली की धूम है. महिलाएं, बच्चे, पुरुष सभी होली के रंग में हैं. अल्मोड़ा की महिला कल्याण संस्था द्वारा अल्मोड़ा की ऐतिहासिक बाज़ार में महिलाओं की खड़ी होली... Read more
हैं बिखरे रंग माज़ी के
उस तरफ विपुल की आवाज़ थी. इस तरफ फोन के जाने कौन था. तब तक, जब तक मैं नहीं था! विपुल ने भी लगभग चार साल बाद ही फोन किया था. पहली कुछ लाइनों में तकल्लुफ़ था. हाल-चाल था. अभी वाला परिवार था, ज... Read more


























