दारमा घाटी के सरल हृदय वाले लोग
उत्तराखंड में पंचाचूली चोटियों का नाम सभी जानने वाले हुए. कच्ची सड़क बन जाने से अधिकतर तो अब इसके पास भी जाने लगे हैं. पंचाचूली ग्लेशियर तक जाने के लिए दारमा घाटी में बसे दांतू गांव से पैदल... Read more
जीवन में अगर हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक हो तो स्थितियां कैसी भी आएं, हम उनसे परेशान हुए बिना आनंद के साथ जीवन जी सकते हैं, क्योंकि सकारात्मक सोच मुश्किलों में से भी अवसरों को तलाश कर लेती है.... Read more
बाघ अवसरवादी भी होते हैं इसका एक नजारा ढिकाला के ग्रासलैंड में देखने को मिला जहां एक युवा बाघ जिप्सियों की आड़ लेकर हिरन के पीछे भागता हुआ नज़र आया. (Memoir of Deep Rajwar) हाल में ही ढिकाला... Read more
लोक कथा : चालाक शत्रु
एक बार जंगल में एक तेंदुआ, एक भेड़िया, बिल्ली, लोमड़ी और एक चूहे ने हिरन को मारने की योजना बनाई. यह ऐसा काम था जिसे वे कोई भी अकेले नहीं कर सकते थे. चालाक लोमड़ी ने कहा, “जब वो सो रहा होगा त... Read more
पिथौरागढ़ की हिलजात्रा की दिल्ली में धूम
इन दिनों राजधानी दिल्ली में संगीत नाटक अकादमी द्वारा ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत क्लाइडस्कोप नाम से लोककला और लोकसंस्कृति से जुड़ा आयोजन किया जा रहा है. 21 से 30 मार्च तक चलने वाले... Read more
पोषक तत्वों से भरपूर चौलाई की हरी सब्जी
ग्रीष्म ऋतु में हरी सब्जी खाने की ललक के कारण कल सब्जी मंडी से हरा सोना खरीद लाए और उसकी स्वादिष्ट सब्जी बनाई. ग़जब का स्वाद था. अब तक तो हम इसे चुआ, चौलाई या मार्छा ही कहते थे लेकिन कल इसे... Read more
आब ओढ़ तै चशमः पहाड़ी बुबू की हाज़िर जवाबी
परकास दिल्ली की एक कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करने लगा था. परिवार चंपावत के लोहाघाट में ही रहता था और परकास पिछले कुछ सालों से अकेला दिल्ली में. ईजा-बाबू ने परकास की अकेली ज़िंदगी के पहि... Read more
कूर्मांचली परम्परा में जल का महत्त्व
मानव जीवन में बालक के जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन के विभिन्न संस्कारों में जल का महत्वपूर्ण स्थान है. व्यक्ति जल से आचमन करने पर शुद्ध होता है क्योंकि जल में औषधीय गुण विद्यमान रहते हैं. धार... Read more
कुदरत कब आपको अपने नए रूप से अचंभित कर दे शायद हम उसकी कल्पना तक नहीं कर सकते. ऐसा ही कुछ हमारे साथ पिछले दिनों हुआ जब होली के अगले दिन हम, मैं और मेरे दोस्त निकल पड़े अल्मोड़ा के ऐड़ादेव के... Read more
देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला
झंडा मेला 350 वर्ष से भी पुराना ऐतिहासिक मेला है. होली के ठीक चार दिन बाद एक महीने तक चलने वाला झंडा मेला शुरू होता है. इस मेले में सुबह दरबार साहिब के बाहर स्थापित झंडे को उतारकर उसे दूध और... Read more


























