लोककथा ‘सूरज के रथ का दाहिना घोड़ा’
एक था राजा, एक थी रानी. उनके पास सिपाही, घोड़े, दास-दासियाँ, धन दौलत सबकुछ था, सिर्फ उन्हें संतान नहीं थी. इसी कारण राजा-रानी बहुत ही दुःखी रहते थे. संतान-प्राप्ति के लिए उन्होंने हर तरह का... Read more
उत्तराखण्ड में वर्तमान शिक्षा प्रणाली का पहला स्कूल 1840 में श्रीनगर में खुला
1823 में ट्रेल ने लिखा — यहां सार्वजनिक स्कूलों जैसी कोई संस्था नहीं है. व्यक्तिगत तौर पर होने वाली पढ़ाई-लिखाई भी उच्च वर्ग के कुछ ही लोगों तक सीमित है. इन लोगों को ब्राह्मण शिक्षकों द्वारा... Read more
ब्रिटिश कुमाऊं में औषधीय खेती की शुरुआत
नौर्मन गिल ने बैलाडोना की खेती 1910 से ही शुरू कर दी थी. उस समय बैलाडोना का (एटरोपा बैलाडोना), की खेती, स्थानीय हकीम औषधि के लिये थे. इसके बीज को मई में बोने से जुलाई में 12 फीट ऊँचा पौधा मि... Read more
चौबटिया के ‘चहाबगिच’
अंग्रेजों को कुमाऊं और गढ़वाल की जलवायु, प्राकृतिक रचना, वनस्पति आदि अपने देश की जैसी लगी सो अंग्रेजों ने अपनी पलटन और उनके परिवारों के ग्रीष्मकालीन आवास हेतु स्थान चयन के लिए मेजर लेंग को क... Read more
‘ओखल’ पहाड़ के परिवारों का आधार
ओखव या ओखली पहाड़ के परिवारों का आधार है. धान कूटने का यह स्थान बेहद पवित्र माना जाता है. इसको नंग्याते यानी लांघते नहीं हैं. यहां पर धान कूटने के अलावा मडुवा भी कूटा जाता है जिसको मडू फवण क... Read more
प्रेमचंद की कहानी ‘जेल’
मृदुला मैजिस्ट्रेट के इजलास से जनाने जेल में वापस आयी, तो उसका मुख प्रसन्न था. बरी हो जोने की गुलाबी आशा उसके कपोलों पर चमक रही थी. उसे देखते ही राजनैतिक कैदियों के एक गिरोह ने घेर लिया ओर प... Read more
उत्तराखण्ड से जुड़ा एक मामला आजकल विभिन्न लॉ पोर्टलों के माध्यम से राज्य के सोशल मीडिया तक पहुंच चर्चा में बना हुआ है. उत्तर प्रदेश निवासी निशांत रोहल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की... Read more
‘बेड़ू पाको बारामासा’ लोकगीत पर एक विमर्श
लोक के क्षितिज से उपजा और अन्तर्राष्ट्रीय फलक तक अपनी धमक पहुंचाने वाला कुमाऊॅ के सुपर-डूपर लोकगीत ‘बेड़ू पाको बारामासा’ से भला कौन अपरिचित है. गीत का मुखड़ा किसने लिखा और कब से यह लोकजीवन क... Read more
नैनीताल घूमने आयें तो इन जगहों पर जरूर जाएँ
कुमाऊँ क्षेत्र में नैनीताल जिले का विशेष महत्व है. देश के प्रमुख क्षेत्रों में नैनीताल की गणना होती है. यह ‘छखाता’ परगने में आता है. ‘छखाता’ नाम ‘षष्टिखात... Read more
उसकी स्मृति में यह बात अब तक गड़ी हुई है कि अपनी माँ की पहली संतान होने के कारण उसे तब तक घरवालों से अपने हक़ का वह स्नेह नहीं मिला जब तक कि उसके पीछे दो भाई और पैदा नहीं हो गए.(Sheetal Utta... Read more


























