कुमाऊंनी लोकगीतों में सामाजिक चित्रण
लोकगीतों से हमारा तात्पर्य लोक साहित्य के उन रूपों से है, जो प्रायः अलिखित रहकर जन-साधारण द्वारा निर्मित होते हुए एवं परंपरा से देश काल की विविध परिस्थितियों का चित्रण करते हुए उनके बीच प्रच... Read more
उत्तराखण्ड की अध्यात्मिक आस्था एवं विश्वासों में से एक है उच्यौन, उचान, उच्याणा, उच्याणी. जब कोई व्यक्ति अस्वस्थ हो जाता है और किसी भी इलाज से उसे कोई फायदा नहीं होता तब उसे स्थानीय भूत-प्रे... Read more
दारमा घाटी की राजुला और उसकी अमर प्रेम गाथा
उतरा खण्ड भला देश एक छा भोटान हिमगिरी जड़ पर रमणीक स्थान. उति रनी बड़ा बड़ा व्यौपारी लै सेट भौत धनवान लोग बड़ा बड़ा पेट. सबु है सकर उति नौकौ सामान उमजि व्योपार हौछा आदान प्रदान. उति का रणीयां लोग... Read more
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में है भगवान शिव का मंदिर रुद्रनाथ. रुद्रनाथ पंचकेदारों में से एक है, इसे चौथा केदार माना जाता है. रुद्रनाथ में शिव के एकानन रूप यानि मुख की पूजा... Read more
विलुप्ति की कगार पर पहाड़ का एक लोकदेवता
कुमाऊं के रास्तों में अनेक जगह पर आपको ऐसी टीलेनुमा आकृति मिल जायेगी जहां पर लोग आस्था के साथ पत्थर चढ़ाते हैं. क्या आप जानते हैं पहाड़ों के इस स्थानीय देवता का क्या नाम है? कुमाऊं में इस तरह... Read more
धार्मिक आस्था का केंद्र जोशीमठ ऐतिहासिक व धार्मिक महत्त्व का शहर है. गढ़वाल मंडल के चमोली जिले के पेनखंडा परगने में स्थित जोशीमठ का पौराणिक नाम ज्योतिर्मठ बताया जाता है. जोशीमठ कर्णप्रयाग बद्... Read more
उत्तराखण्ड के जनप्रिय पीर उत्तराखण्ड में कालू सैयद बाबा के मंदिर कई जगह मिल जाते हैं. हल्द्वानी और इसके आसपास के इलाके में कालू सैयद बाबा के कई मंदिर हैं. हल्द्वानी कालाढूंगी चौराहे पर कालू... Read more
मदमहेश्वर: जहां शिव की नाभि पूजी जाती है
द्वितीय केदार मदमहेश्वर मद्महेश्वर, मध्यमहेश्वर या मदमहेश्वर उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में है. यह पंचकेदार मंदिर समूह का द्वितीय केदार है. प्रथम केदार केदारनाथ, तृतीय केदा... Read more
लोहाखाम देवता का मंदिर
स्थानीय भाषा में लुखाम कहे जाने वाले लोहाखाम देवता का मंदिर नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक की चौगढ़ पट्टी में है. इस मंदिर में पहुँचने के लिए आपको ओखलकांडा से 12 किमी की चढ़ाई चढ़नी होती है. का... Read more
आज वैशाख पूर्णिमा है. भारत समेत विश्व भर में आज का दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध का जन्म हुआ था, वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध को ज्ञान प्राप्त... Read more


























