प्राकृतिक विविधता और हर तरह के पर्यटक के अनुसार मनोरंजन साधनों के कारण नेपाल फिर से तेजी के साथ घुमक्कड़ों की पसन्द बनता जा रहा है. एवरेस्ट सहित अन्य हिमालयी चोटियों पर चढ़ने के लिए हर साल हजा... Read more
कितने धारों के बारे में जानते हैं आप?
उत्तराखण्ड की कुमाऊनी और गढ़वाली बोलियों में दो इलाकों के बीच की सामानांतर लेकिन उठे हुई भूमि को धार कहा जाता है. धार के दोनों तरफ ढलान होती है. अनुमानतः कुमाऊं-गढ़वाल में सैकड़ों धार हैं जिनके... Read more
गोपाल सिंह रमोला और उनके भट के डुबके
कुमाऊँ के की उर्वर सोमेश्वर घाटी में सोमेश्वर और बग्वालीपोखर के बीच एक जगह पड़ती है – लोद. इस छोटी और बेनाम सी बसासत को पिछले दस-बारह सालों में एक छोटी सी ढाबेनुमा दुकान ने खासा नाम दिलाया है... Read more
ट्रेनिंग प्रोग्राम, नौकुचियाताल और सुसाइड पॉइंट
एक अरसा बीत गया था खुद को खुद से मिले हुए. बार-बार सोचती थी कि आखिर ये दूरी कैसे कम होगी. हालांकि इससे निकलने के लिए तमाम कोशिशें की. लंबी छुट्टी पर जानें की प्लानिंग भी, पर जिंदगी की तमाम झ... Read more
बुला रही है दारमा घाटी
दारमा घाटी को पिछले साल यानी 2017 में 18 साल बाद फिर से अनुभव करना एक खूबसूरत ख्वाब को जीने जैसा था. मैं यकीनन इसे उत्तराखंड ही नहीं समूचे हिमालय की सबसे खूबसूरत घाटियों में से एक मानता हूं.... Read more
गंगा की बदहाली का जिम्मेदार आखिर कौन
गंगा नदी का हमारे देश में अध्यात्मिक महत्त्व भी है, हिन्दू धर्मग्रंथों में इसे देवी का दर्जा प्राप्त है. कई वजहों से गंगा लगातार प्रदूषित होती चली गयी और अब मैदानी इलाकों में इसका पानी नहाने... Read more
सार संसार एक मुनस्यार
मुनस्यारी को जानने के लिए इसके नाम का अर्थ जान लेना ही काफी है. मुनस्यारी का मतलब है ‘बर्फ वाली जगह’. अपने नाम के ही अनुरूप मुनस्यारी को उसकी खूबसूरती और आबोहवा के कारण ‘सार संसार एक मुनस्या... Read more


























