हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके से पकना शुरू होता है. पके हुए इस दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है... Read more
उत्तराखंड की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी (Bhuvan Chandra Khanduri) का... Read more
बचपन की यादों को जीवंत करती किताब
‘आ, यहां आ. अपनी ईजा (मां) से आखिरी बार मिल ले. मुझसे बचन ले गई, देबी जब तक पढ़ना चाहेगा, पढ़ाते रहना.’ उन्होंने किनारे से कफन हटाकर मेरा हाथ भीतर डाला और बोले ‘अपनी... Read more
अहंकार ही है हमारा सबसे चालाक दुश्मन
जीवन में हमारे जितने भी शत्रु हैं, उनमें सबसे खतरनाक वह है जो दिखता नहीं. जो सामने आकर वार नहीं करता. जो इतनी चालाकी से काम करता है कि हम उसे पहचान ही नहीं पाते. और जब तक पहचानते हैं,... Read more
पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व पहाड़ की समस्याओं को समझने की दृष्टि चार पीढ़ियों में विकसित हुई. एटकिंसन का हिमालयन गजेटियर (1882-86) कुमाऊं-... Read more
एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!
आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस और लाचार हो जाते हैं. लेकिन अल्मोड़ा नगर के निवासी लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने 92 वर्ष की उम्र में उत्साहपूर्वक एथलेटिक्स स्पर... Read more
रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन
पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का समूह नहीं होते, बल्कि लोगों की जरूरतों, परंपराओं और आजीविका का हिस्सा होते हैं. उत्तराखंड के पहाड़ी इ... Read more
हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी
इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं “पंडित नैन सिंह रावत” — 19वीं सदी के उन महान भारतीय खोजकर्ताओं में से एक, जिन्हें “पंडित ऑफ पंडित्स” कहा जाता है. क्या आप... Read more
भारतीय परम्परा और धरती मां
हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता भूमिः पुत्रो ऽहम् पृथिव्याः’ यानी धरती मेरी मां और मैं उसका पुत्र हूं. भारतीय साहित्य व लोक मान्यताओं में... Read more
शकटाल का प्रतिशोध
पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र खो दिए, और वररुचि राज्य के प्रधान मंत्री बने. पर सत्ता का स्थिर रहना ही अंत नहीं होता, वास्तविक परीक्षा तब शुरू... Read more


























