नई कहानी के नए प्रेरक : शैलेश मटियानी और ज्ञानरंजन
इतने बड़े हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : तेरहवीं क़िस्त 1966 में नैनीताल से इलाहाबाद के लिए रवाना हुआ तो मैं एक तरह से हवा में यात्रा कर रहा था. क्यों यात्रा कर रहा हूँ, यह तो मालूम था, मगर कह... Read more
काने तिवाड़ी के धान – एक फसक
काने तिवाड़ी के धान – अशोक पाण्डे हमारे इधर पहाड़ों में तिवारी लोग तिवाड़ी कहे जाते हैं. गगास नदी के किनारे बसे एक गाँव में एक किसी तिवाड़ी का घर था. तिवाड़ी काना था यानी उसकी एक आँख फूटी ह... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 42
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
पीलीभीत की बांसुरी – रोहित उमराव के फोटो
पीलीभीत की बांसुरी – रोहित उमराव बांस की बनी बांसुरी और उसकी मधुर-सुरीली तान आखिर किसे नहीं रिझाती? बांसुरी भारत वर्ष का ऐतिहासिक वाद्य यंत्र है. महाभारत काल में श्रीकृष्ण-बांसुरी-गोपि... Read more
उत्तराखण्ड में निकाय चुनाव में हार के बाद कांग्रेस नेताओं के बीच हो रही तकरार में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के ताजे बयान ने पार्टी के अन्दर बवाव मचा दिया है. उन्होंने हल्द्वानी नगर नि... Read more
अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 9
गुडी गुडी डेज़ अमित श्रीवास्तव हीरामन उवाच-2 (बजाए जा तू प्यारे हनुमान चुटकी) अजीब सी बातें करने लगा था हीरामन. असम्बद्ध बोलता. बोलता तो बोलता ही चला जाता चुप लगाता तो लगता व्रत धारण कर रक्ख... Read more
कुमाऊँ का छोलिया नृत्य
कुमाऊं का सबसे जाना-माना लोक नृत्य है छोलिया. इस विधा में छोलिया नर्तक टोली बनाकर नृत्य करते हैं. माना जाता है कि नृत्य की यह परम्परा एक से दो हज़ार वर्ष पुरानी है. नर्तकों की वेशभूषा और उनके... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 41
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
देवीधुरा का हिमालय – फोटो निबंध
आश्चर्य से भरा देवीधुरा का हिमालय, देवीधुरा होने को तो एक बेहद छोटा सा कस्बा है जो यात्रा के दौरान शुरू होने से पहले खत्म हो जाता है किंतु ये किसी को भी विस्मित कर सकता है, यहां से दिखने वाल... Read more
भारतीय क्रिकेट के इतिहास के शुरुआती दिन खासे विवादास्पद रहे थे. कई बार ऐसा हुआ कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को दरकिनार कर रईसज़ादे नवाबों और महाराजाओं को भारत का प्रतिनिधित्व करने के मौके मिले. भ... Read more


























