अल्मोड़ा में ब्राईट एंड कॉर्नर का बोर्ड चोरी
अल्मोड़ा का सनसेट पॉइंट माना जाता है ब्राईट एंड कॉर्नर. अल्मोड़ा-हलद्वानी मार्ग पर अल्मोड़ा की सरदहद पर पड़ने वाले आख़िरी मोड़ पर स्थित यह सुन्दर स्थान बहुत लम्बे समय से पर्यटकों का प्रिय रह... Read more
देश कर्ज के गहरे भँवर में डूबता हुआ दिखाई दे रहा है, आपको जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि आजादी के 67 साल में यानी 2014 तक देश के ऊपर कुल कर्ज 54.90 लाख करोड़ रुपए था ओर मोदी जी के मात्र सवा पाँच... Read more
एशिया की सुन्दरतम घाटी है सोमेश्वर घाटी
श्रीनगर से अल्मोड़ा वाया सोमेश्वर : एक यात्रा श्रीनगर से अल्मोड़ा की ओर भोर में चले हैं. नींद से जागती हुयी प्रकृति का सौंदर्य और उसमें मानव, पशु-पक्षी और पेड़-पौधों की सुबह-सुबह की हलचल को च... Read more
च्यूं मुसि च्यूं – पहाड़ के बच्चों के खेल गीत
रुद्रपुर में रहने वाले हेम पन्त की रचनाएं काफल ट्री के पाठकों के लिए अपरिचित नहीं हैं. (Children’s Play Songs of Uttarakhand State) हाल ही में हेम ने उत्तराखंड में प्रचलित लोरियों, बच्... Read more
उत्तराखंड की लोरियां
रुद्रपुर में रहने वाले हेम पन्त की रचनाएं काफल ट्री के पाठकों के लिए अपरिचित नहीं हैं. (Lullabies of Uttarakhand State) हाल ही में हेम ने उत्तराखंड में प्रचलित लोरियों, बच्चों के क्रीड़ागीतों... Read more
क्या आवश्यक हैं रामलीला में अशोभनीय प्रसंग?
सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ प्रसंग में अनेक रामलीलाओं में फूहड़ता देखने को मिलती है. धनुष तोड़ने आये राजाओं की वेशभूषा, भाषा बोली और उनके द्वारा बोले व गाये जाने वाले संवाद और गीत दर्शकों को खटकत... Read more
उत्तराखंड के सबसे बड़े तीर्थों में गिने जाने वाले केदारनाथ धाम का महात्म्य दुनिया भर में विख्यात है. उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली चार धाम यात्रा का सबसे बड़ा पड़ाव माना जाने वाला... Read more
गढ़वाली चित्र शैली के प्रमुख आचार्य, कुशल राजनीतिज्ञ, कवि, इतिहासकार मौलाराम का उत्तराखण्ड के इतिहास में अद्वितीय, अविश्वमरणीय योगदान है. इनको सर्वप्रथम प्रकाश में लाने का... Read more
आमिर खान, उसके बेटे और भेड़ की मोटी दुम के लहसुन वाले खीनकालों का किस्सा
हिंदी लेखन की हालत आजकल एक ऐसी संतान की तरह हो गयी है, जिसके बाप के रूप में एक ओर तो संस्कृत के शुद्धतावादी उस पर कब्ज़ा जमाना चाहते हैं, दूसरी ओर विदेशी भाषा का उस पर इतना दबाव है कि हिंदी... Read more
खामोश कदमों से भी टूटती हैं रुढ़ियों की बेड़ियां
रुढ़ियों की परम्परा ऐसे ही टूटती है और समाज उनसे इसी तरह धीरे-धीरे मुक्ति पा लेता है. कहीं से विरोध के स्वर नहीं उठते. छोटे पर्दे की अभिनेत्री रुप दुर्गापाल की मॉ और अल्मोड़ा परिसर में शिक्ष... Read more


























